UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया क्या है उनका सबसे प्रिय विषय...
लखनऊ में पुलिस की 120 एकड़ जमीन अवैध कब्जामुक्त कराने से जुड़ा किस्सा सुनाते हुए बोले सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक माफिया ने लखनऊ में पुलिस की 120 एकड़ जमीन कब्जा रखी थी। पूर्व डीजीपी मेरे पास फाइल लेकर आए। मैंने उस जमीन की कुंडली निकलवाई। रेवेन्यू बोर्ड के चेयरमैन को बुलाया। एफआईआर कराई और अगले दिन बुलडोजर जमीन पर पहुंच गए। तब वो भागकर सरेंडर करना पहुंचा। मैंने कहा कि याद रखना कि अगर कहीं भी जमीन पर अवैध कब्जा किया तो यूपी में कहीं ठिकाना नहीं मिलेगा।
अमृत विचार, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर अपना अडिग रुख जाहिर किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस की जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा एक पूर्व डीजीपी का किस्सा सुनतो हुए कहा कि, ये तो मेरा सबसे प्रिय विषय है। सीएम लखनऊ में पुलिस की करीब 120 एकड़ सरकारी जमीन अवैध कब्जा मुक्त कराने से जुड़े किस्से का जिक्र कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने पूरा किस्सा यूं सुनाया। उन्होंने कहा कि एक पूर्व डीजीपी अपने रिटायरमेंट से ठीक पहले मेरे पास एक फाइल लेकर आए। बोले पुलिस की एक जमीन है, लेकिन उस पर माफिया का कब्जा है। मैंने कहा कि ये तो मेरा प्रिय विषय है। आप फाइल मुझे दीजिए। मैं इसको ठीक करवा देता हूं।
सीएम ने आगे कहा कि, आपको जानकर हैरत होगी कि वो 120 एकड़ जमीन थी, जो माफिया कब्जाए बैठे थे। लखनऊ में एयरपोर्ट से बमुश्किल तीन किलोमीटर की दूरी स्थित इस जमीन की कीमत का अंदाजा आप लगा सकते हैं। वो जमीन पुलिस विभाग की थी। मैंने उसकी पूरी कुंडली निकलवाई। इस बीच डीजीपी ने बताया कि माफिया ने जमीन पर प्लॉटिंग भी शुरू कर दी है।
बुलडोजर पहुंचे तो भागकर सरेंडर करने पहुंचा
मैंने जमीन के सारे रिकॉर्ड निकलवाए। रेवेन्यू बोर्ड के किस अधिकारी ने माफिया के पक्ष लिया। उसकी डिटेल निकलवाई। बोर्ड के चेयरमैन को बुलाकर जमीन पर स्टे कराया। इस बीच वो व्यक्ति हाईकोर्ट चला गया। मैंने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी और अगले दिन जमीन पर बुलडोजर पहुंच गए।
लखनऊ में जब उसने पहली बार बुलडोजर देखा तो भागकर सरेंडर करने पहुंच गया। बोला कि मैं पूरी जमीन सरकार को हैंडओवर कर रहा हूं। मैंने कहा कि जमीन तो हम ले ही चुके हैं, लेकिन याद रखना कि अगर भविष्य में कहीं भी कब्जा किया तो यूपी में कहीं ठिकाना नहीं मिलेगा। आज आप देख रहे होंगे कि उस जमीन पर छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
