Gonda Protest: लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरे जल निगम कर्मचारी, 7 जुलाई से आमरण अनशन की दी चेतावनी
कर्मचारियों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा
गोंडा, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश जल निगम एकीकृत संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जल निगम के कर्मचारी एवं पेंशनर्स अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 16 जून से चरणबद्ध आंदोलन पर उतर आए हैं। कर्मचारियों ने शासन और जल निगम प्रशासन पर समस्याओं के समाधान में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है।
मोर्चा के महासचिव इं. ए.के. सिंह ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण के तहत 16 जून को प्रदेश के नौ मंडल मुख्यालयों तथा 17 जून को नौ क्षेत्रीय मुख्य अभियंता कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 23 जून से जल निगम मुख्यालय लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन, प्रभात फेरी, मानव श्रृंखला और गांधी प्रतिमा पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने की स्थिति में 7 जुलाई से आमरण अनशन भी शुरू किया जाएगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगतियों का समाधान, बकाया एरियर का भुगतान, सातवें वेतनमान का लाभ, पेंशनरों की समस्याओं का निस्तारण, महंगाई भत्ते में वृद्धि, मृतक आश्रितों को नियुक्ति तथा विभिन्न लंबित देयों का भुगतान शामिल है।
संघर्ष मोर्चा ने दी चेतावनी
संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में दिनेश कुमार श्रीवास्तव, फैजल, इंद्रप्रकाश शुक्ला, बाबादीन, ए.पी. पांडे (संयोजक), बृजेश कुमार, अरुण श्रीवास्तव, एस.के. शुक्ला, निशिर सिकदार, सुंदर मिश्रा, रामकुमार तिवारी, कौशलेंद्र सिंह, रामजीवन, मोहम्मद स्माइल, दिलीप कुमार, पंकज तिवारी, सुरेंद्र शर्मा और हरिश्चंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
