Ram Mandir Donation Controversy: ट्रस्ट ने मामले की शुरू कर दी है जांच... आरोप पर बोले मंत्री शाही- नियमावली के अनुसार करेगा आवश्यक कार्रवाई
Ayodhya News :
अयोध्या। जिले के प्रभारी व कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने राम मंदिर दान पात्र से गबन के आरोप पर कहा कि यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसकी जांच शुरु कर दी है। वह शुक्रवार को यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
अयोध्या, अमृत विचार। जिले के प्रभारी व कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने राम मंदिर दान पात्र से गबन के आरोप पर कहा कि यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसकी जांच शुरु कर दी है। वह शुक्रवार को यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था है। वह भारतीय ट्रस्ट कानून के तहत पंजीकृत है। आरोपों को लेकर वह पूरी तरह सजग और सतर्क है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई वह अपनी नियमावली के अनुसार ही करेगा। कहा कि किसी भी श्रद्धालु की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। यदि कहीं कोई कमी या अनियमितता है तो उसकी जांच की जा रही है। कहा कि फिलहाल सरकार इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर रही है। हां यदि ट्रस्ट सरकार से किसी सहायता या कार्रवाई की अपेक्षा करेगा, तो सरकार उस पर विचार करेगी।
संघ की बैठक की जानकारी सोशल मीडिया पर डाली, फिर हटाई
सूत्रों के अनुसार गुरुवार को लखनऊ में हुई आरएसएस की बैठक में आरोपों पर गहन मंथन किया गया। चर्चा है कि इसमें आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश भैया जी जोशी के साथ ट्रस्टके महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी, ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्र, डॉ. अनिल मिश्र, कृष्णमोहन, मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव व आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल एक साथ चार घंटे रहे।
बैठक के बाद प्रेस वार्ता करने की भी योजना बनी लेकिन इसे टाल दिया गया। बाद में आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की जांच समिति गठन का निर्णय लिया गया। बताया जाता है कि यह बैठक ऐसे ही नहीं हुई, संघ ने अपने स्तर से आरोपों की प्राथमिक जांच कराई थी, संभवत: इसमें कुछ ऐसी बात सामने आई जिसके बाद यह निर्णय लेना पड़ा। इस जानकारी को पहले सोशल मीडिया पर डाला, फिर अचानक उसे हटा दिया गया।
बैठक में शामिल होने पहुंचे भैया जी जोशी
जानकारी के अनुसार आज शनिवार को राममंदिर परिसर में होने वाली मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल होने के लिए आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश भैया जी जोशी अयोध्या पहुंच गये हैं। बैठक में संघ के कुछ और पदाधिकारियों के भी शामिल होने और बैठक में बड़ी कार्रवाई भी होने की संभावना है।
सपा जिलाध्यक्ष ने की सीबीआई जांच की मांग
सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने राम मंदिर दान पात्र से गबन के आरोपों के प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए। आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा चढ़ावा चोरी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सभी वित्तीय लेन-देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग
राम मंदिर के दान पात्र से रुपये गबन के मामले में भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को दोबारा पत्र लिखकर राम मंदिर के बनने से अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बनने के समय से लेकर अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग की। पत्र में आग्रह किया कि वह ट्रस्ट को निर्देश दें कि न्यास अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी आय, खर्च, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक करें। कहा कि यह धन किसी व्यक्ति, समूह या संस्था का नहीं है, बल्कि करोड़ों भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है। हर भक्त को यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि दान में मिले पैसे, गहनों और अन्य कीमती चीजों का इस्तेमाल कैसे किया गया है। उन्होंने समर्पण निधि अभियान के तहत जमा हुए फंड, नकद, चेक, ऑनलाइन अंतरण और दान पेटियों के जरिए मिले दान, सोना, चांदी व गहनों के रूप में मिले योगदान का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
अगर मैं सच बोलूंगा, तो मुसीबत में पड़ जाऊंगा : बृजभूषण
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को दावा किया था कि उन्हें राम मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग और चोरी के बारे में जानकारी थी लेकिन वे इसका विवरण बताने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने गोंडा में पत्रकारों से कहा था कि अगर मैं सच बोलूंगा, तो मुसीबत में पड़ जाऊंगा क्योंकि वे बहुत ताकतवर लोग हैं।
