CJP Protest : केंद्र सरकार से बातचीत का CJP ने ठुकराया प्रस्ताव, NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी रहेगा प्रदर्शन

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) को बातचीत के लिए आमंत्रित किया, लेकिन संगठन के नेताओं ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को भी कॉजपा को जेपी नड्डा के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन संगठन ने यह कहते हुए निमंत्रण अस्वीकार कर दिया था कि वह सरकार से केवल किसी तटस्थ स्थान पर ही बातचीत करेगा। सूत्रों ने कहा, "जेपी नड्डा की ओर से आज बातचीत के लिए कॉजपा को निमंत्रण भेजा गया, लेकिन प्रदर्शन स्थल के मंच पर मौजूद नेताओं ने इसे अस्वीकार कर दिया।"

NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी है प्रदर्शन

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉजपा पिछले महीने से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलिस ने उन्हें बृहस्पतिवार सुबह जानकारी दी कि जेपी नड्डा ने उन्हें अपने आवास पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।

दास ने कहा, "हमने किसी के घर या दफ्तर जाने से इनकार कर दिया। जनता की अदालत यहीं लगी है। मंत्रियों को जनता के बीच आना चाहिए। यदि वे बातचीत करना चाहते हैं तो वह जंतर-मंतर पर ही होनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि कॉजपा बातचीत के लिए तैयार है। यदि सुरक्षा संबंधी कोई चिंता है तो संगठन प्रदर्शन स्थल के निकट किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत के प्रस्ताव पर विचार करने को भी तैयार है।

 

ये भी पढ़ें : 
दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद, यात्रियों को भारी परेशानी; केजरीवाल बोले- सभी स्टेशन बंद कर देंगे तब भी युवा पहुंचेंगे
Jul 23, 2026 · 02:43 PM · Anjali Singh
पीएम का जवाब नाकाफी..... कॉजपा ने उठाए सवाल, कहा-सिर्फ सजा नहीं, जवाबदेही भी तय होनी चाहिए

दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को फिर से दोहराते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा में जवाबदेही के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार सुबह 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रश्नपत्र लीक में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए त्वरित अदालत बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

NEET पेपर लीक मामले पर कॉजपा ने उठाए सवाल

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक को लेकर युवाओं के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए सरकार ने त्वरित अदालतें स्थापित करने का फैसला किया है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग

प्रधानमंत्री के 'एक्स' पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की एक तस्वीर साझा की, जिस पर लिखा था, "मेरा नाम कुछ नहीं है।" वहीं, कॉजपा ने पोस्ट करते हुए कहा, "धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।"

कॉजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत किया, लेकिन कहा कि यह लगभग डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शनों के बाद आई है और बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे के मुख्य सवाल का जवाब नहीं दिया गया है।

रांका ने कहा, "पहली बात तो ये है कि अच्छी बात है कि डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री ने आखिरकार इस पर ध्यान दिया है। शायद उनके विदेश दौरे खत्म हो गए हैं और वह भारत लौट आए हैं, जो कि एक अच्छी बात है।"

उन्होंने कहा, "लेकिन प्रश्नपत्र लीक हो जाने के बाद आप क्या सजा दे रहे हैं? इससे पेपर लीक की समस्या हल नहीं होगी। असली सवाल यह है कि पेपर लीक हो ही क्यों रहे हैं। इस सवाल का जवाब मिलना चाहिए।"

रांका ने कहा कि चोट लगने के बाद मरहम लगाना एक बात है, लेकिन असली लड़ाई यह है कि चोट लगे ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था चलाने वाले लोग न तो जवाबदेह हैं और न ही सक्षम हैं, इसलिए यह उपाय पर्याप्त नहीं हैं।

रांका ने दावा किया कि इस मुद्दे पर लोगों का गुस्सा अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर बढ़ रहा है और अधिक से अधिक प्रदर्शनकारी उनके खिलाफ नारे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम यह जगह नहीं छोड़ेंगे।"

रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग पूरे जोश और पक्के इरादे के साथ मौजूद हैं और हर कोई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, यह मुद्दा अब सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं रह गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से आगे बढ़ गया है और अब केंद्र का नेतृत्व भी निशाने पर है। उन्होंने कहा कि लोगों का ध्यान प्रधानमंत्री की ओर जा रहा है और सरकार को समझना चाहिए कि अब लोग सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहे हैं।

20 जून से जारी है आंदोलन

कॉजपा के नेतृत्व में यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा है कि यदि केंद्र सरकार यह आश्वासन दे कि आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही कोई प्राथमिकी दर्ज होगी, तो वह अपना अनशन समाप्त करने को तैयार हैं।

Jul 23, 2026 · 01:37 PM · Anjali Singh
 जंतर-मंतर पर डॉक्टरों की सेवा, प्रदर्शनकारियों को दे रहे प्राथमिक उपचार और मदद

दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच स्वयंसेवी चिकित्सक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एंबुलेंस के पास मौजूद ये चिकित्सक ऐसे लोगों का उपचार कर रहे हैं, जिनके हाथ-पैर सूज गए हैं, चोट लगी है, कट-छिल गए हैं या जो बुखार और निर्जलीकरण जैसी समस्याओं से परेशान हैं।

प्रदर्शन स्थल पर भाषणों और नारों के बीच दिल्ली और आसपास के राज्यों से आए चिकित्सकों ने अस्थायी चिकित्सा सहायता केंद्र बना रखा है। उनका कहना है कि वे अपने कर्तव्य की भावना से यह सेवा दे रहे हैं।

कुछ चिकित्सक दवाइयां, पट्टियां और ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ओआरएस) लेकर भीड़ के बीच पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ एंबुलेंस में मौजूद रहकर बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ या अन्य आपात स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

इन स्वयंसेवकों में अमेरिका में कार्यरत चिकित्सक स्वैमन सिंह से जुड़े गैर-सरकारी संगठन 'फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन' के सदस्य भी शामिल हैं। इस संगठन ने वर्ष 2021 के किसान आंदोलन के दौरान भी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई थी।

संगठन के स्वयंसेवक अमृतपाल सिंह ने बताया कि सोमवार को हुई झड़पों के वीडियो और घायलों की खबरें देखने के बाद उनकी टीम एंबुलेंस के साथ जंतर-मंतर पहुंची।

उन्होंने कहा, "नीट परीक्षा देश में डॉक्टर बनने की पहली और सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा है। चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता हर नागरिक को प्रभावित करती है, क्योंकि अंततः हर मरीज अपनी जान डॉक्टर के भरोसे छोड़ता है। हम स्वयं डॉक्टर हैं, इसलिए समझते हैं कि छात्र किस बात के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह मुद्दा कितना महत्वपूर्ण है।"

'फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन' के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. स्वैमन सिंह ने बताया कि दिल्ली में करीब 50 चिकित्सकों की टीम सेवा दे रही है। इसमें हृदय रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ, सामान्य शल्य चिकित्सक, नर्सिंग कर्मी, फार्मासिस्ट और अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं।

अमृतपाल सिंह ने बताया कि उनकी टीम मार्च वाले दिन से ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद है और कटने-छिलने, चोट, हाथ-पैर में सूजन, निर्जलीकरण, बुखार और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों का इलाज कर रही है।

उन्होंने कहा कि कई लोग अभी भी मार्च के दौरान लगी चोटों के साथ पहुंच रहे हैं। बारिश में लंबे समय तक रहने के कारण कुछ लोगों को बुखार हो गया है, जबकि कुछ लोग थकावट के कारण सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक उपचार देने के साथ अस्पताल जाने की सलाह भी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि कई प्रदर्शनकारी अस्पताल जाने से बचते हैं। कुछ लोग दिल्ली से बाहर के हैं और उन्हें अस्पतालों की जानकारी नहीं होती, जबकि कुछ लोग प्रदर्शन स्थल छोड़ना नहीं चाहते। ऐसे में उन्हें वहीं प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

एक महिला चिकित्सक ने बताया कि सोमवार के प्रदर्शन के वीडियो देखने के बाद वह एंबुलेंस और जरूरी दवाइयों के साथ जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि कई लोग सूजे हुए पैरों, चोट और अन्य परेशानियों के साथ इलाज के लिए आ रहे हैं। मौसम और बारिश में लंबे समय तक रहने से कुछ लोगों को बुखार भी हुआ है।

प्रदर्शन स्थल पर स्वयंसेवी चिकित्सक रक्तचाप जांचते, घाव साफ करते, दवाइयां बांटते और तिरपाल या छाते के नीचे बैठे लोगों को ओआरएस के पैकेट वितरित करते नजर आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश से आए प्रदर्शनकारी हर्षित ने कहा कि चिकित्सकों की मौजूदगी से प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि कई डॉक्टर प्राथमिक उपचार की सामग्री और दवाइयां लेकर घूम रहे हैं, जिससे प्रदर्शनकारियों को भरोसा मिलता है कि जरूरत के समय उनकी देखभाल करने वाला कोई मौजूद है।

राजौरी गार्डन निवासी 21 वर्षीय शिव ने कहा कि यह मुद्दा उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा व्यवस्था जरूरी है, क्योंकि वही ऐसे डॉक्टर तैयार करती है जिन पर लोग अपनी जिंदगी का भरोसा करते हैं।

एक अन्य स्वयंसेवी चिकित्सक ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का समर्थन करना चिकित्सा शिक्षा में लोगों के भरोसे को बनाए रखने से भी जुड़ा है। उनके अनुसार, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का असर समाज के हर वर्ग पर पड़ता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र, अभिभावक और समर्थक लगातार जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्वयंसेवी चिकित्सक भी एंबुलेंस और चिकित्सा किट के साथ लगातार तैनात हैं और प्रदर्शन स्थल पर उनकी मौजूदगी अब एक सामान्य दृश्य बन गई है।

Jul 23, 2026 · 01:23 PM · Anjali Singh
जंतर-मंतर के पास हिंसा, पथराव में ACP घायल, आरएमएल अस्पताल ले जाया गया

दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर के पास पथराव की घटना के बाद दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को सिर और शरीर में कई अन्य जगह चोट लगने के कारण यहां आरएमएल अस्पताल लाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अस्पताल ने एक बयान में कहा, ''एसीपी, कनॉट प्लेस, विवेक भगत को कल रात जंतर मंतर के पास पथराव की घटना के बाद डॉ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया था।'' 

अस्पताल ने कहा, ''जांच करने पर उनके ऊपरी और निचले दोनों अंगों के साथ-साथ कंधे पर भी कई चोटें पाई गईं और सिर के पीछे वाले हिस्से में सूजन पाई गई। मरीज ने कान से खून आने और उल्टियां होने की भी जानकारी दी।''

इलाज के बाद मिली छुट्टी 

सर्जरी विभाग की टीम द्वारा भगत की जांच की और आवश्यक इलाज प्रदान किया। इसके बाद मरीज ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में आगे का इलाज जारी रखने की इच्छा व्यक्त की और उन्हें आरएमएल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जंतर मंतर पर पथराव में घायल ACP 

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बुधवार शाम जंतर-मंतर के पास कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने कहा कि कई ''असामाजिक'' तत्व प्रदर्शन स्थल में प्रवेश कर गए हैं।

Jul 23, 2026 · 11:10 AM · Anjali Singh
CJP Protest: DMRC ने फिर किये 16 मेट्रो स्टेशन बंद, सीजेपी प्रदर्शन के बीच लिया फैसला

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जारी प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने गुरुवार को सुबह साढ़े सात बजे से अगले आदेश तक 16 मेट्रो स्टेशनों का संचालन बंद कर दिया। डीएमआरसी ने सुबह छह बजकर 55 मिनट पर प्रभावित स्टेशनों की सूची जारी की। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं। 

डीएमआरसी के अनुसार, इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर हालांकि इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी। यह निर्णय बुधवार रात संसद मार्ग पर, प्रदर्शन स्थल से अलग क्षेत्र में, ताजा तनाव की स्थिति पैदा होने के बाद लिया गया। वहीं, जंतर-मंतर के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है। 

 

Jul 23, 2026 · 10:34 AM · Anjali Singh
NEET पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, पीएम मोदी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, दोषियों को नहीं बख्शेंगे

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के युवाओं का कल्याण और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक को लेकर युवाओं के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए सरकार ने त्वरित अदालतें स्थापित करने का फैसला किया है। 

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''

हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर संबंधित प्राधिकारियों और अधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, '

'विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

संबंधित समाचार