Kanpur News : CDO के औचक निरीक्षण में स्कूल की खुली पोल, मिड-डे मील, सफाई और उपस्थिति में मिलीं खामियां
पतारा के कंपोजिट विद्यालय रायपुर में निरीक्षण के दौरान बंद मिला आंगनबाड़ी केंद्र, प्रधानाध्यापक नहीं दे सके पाठ्यक्रम से जुड़े सवालों के जवाब
कानपुर के पतारा ब्लॉक स्थित कंपोजिट विद्यालय रायपुर में सीडीओ और बीएसए के औचक निरीक्षण में साफ-सफाई, मिड-डे मील, छात्र उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता में कई खामियां मिलीं। अधिकारियों ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए और दोबारा लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कानपुर, अमृत विचार। पतारा विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय रायपुर में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) हरिओम सिंह ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान विद्यालय में साफ-सफाई, शैक्षणिक गुणवत्ता, मिड-डे मील और छात्र उपस्थिति में कई अनियमितताएं सामने आईं। इस पर अधिकारियों ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सुबह करीब नौ बजे पहुंचे अधिकारियों ने विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर कीचड़ और गंदगी देख नाराजगी जताई।
उन्होंने नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, सुबह 10 बजे तक विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। इस पर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए गए। शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने प्रधानाध्यापक भारत सिंह से कक्षा-दो के पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछे, लेकिन वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस पर सीडीओ ने प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नियमित शैक्षणिक निगरानी के निर्देश दिए।
मिड-डे मील और छात्र उपस्थिति में भी मिली गड़बड़ी
निरीक्षण में मिड-डे मील की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। छात्र उपस्थिति की जांच में भी गड़बड़ी मिली। उपस्थिति रजिस्टर में 69 छात्र दर्ज थे, जबकि मौके पर केवल 54 छात्र ही मौजूद मिले। इस पर अधिकारियों ने वास्तविक उपस्थिति दर्ज करने, अभिलेखों का सत्यापन कराने और पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
'लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी' : सीडीओ
सीडीओ अभिनव जे. जैन ने कहा कि "शिक्षा, स्वच्छता और मिड-डे मील जैसी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दोबारा निरीक्षण में कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
