सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों और व्यवहारिक विकल्पों पर चर्चा को बैठे व्यापारी और अफसर

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं लखनऊ व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा उसके व्यवहारिक विकल्पों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने की। बैठक में मुख्य पर्यावरण अधिकारी प्रवीण कुमार एवं क्षेत्रीय अधिकारी जेपी मौर्य भी उपस्थित रहे। लखनऊ व्यापार मंडल का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने किया। उन्होंने बायोडिग्रेडेबल विकल्प उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके बिना रोक संभव नहीं है।

बैठक की शुरुआत में डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने व्यापारियों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब सरकार, व्यापारी और आम नागरिक मिलकर व्यवहारिक समाधान अपनाएं। वरिष्ठ महामंत्री जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कम कीमत पर उपलब्ध प्लास्टिक की पानी की बोतलों एवं ठेला-रेहड़ी संचालकों द्वारा इनके अत्यधिक उपयोग के कारण प्लास्टिक का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है।

महामंत्री सोमेश मिश्रा ने बताया कि चंद्रनगर आलमबाग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने सिंगल यूज़ पॉलिथीन का पूर्ण वहिष्कार कर चाय कुल्हड़ में देना शुरू किया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरे बाजार में देखने को मिल रहा है।

ट्रांस गोमती अध्यक्ष एवं भूतनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि भूतनाथ बाजार में व्यापारियों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग न करने की अपील की गई थी, जिसका परिणाम यह है कि लगभग 99 प्रतिशत बाजार में इसका उपयोग बंद हो चुका है।

कोषाध्यक्ष सुहेल हैदर अल्वी ने कहा कि फर्नीचर पैकिंग में प्रयुक्त प्लास्टिक को 75 माइक्रोन मानक के अनुरूप करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उपयुक्त विकल्प उपलब्ध न होने के कारण कठिनाइयाँ बनी हुई हैं। इस दौरान महामंत्री सुशील तिवारी, मनीष गुप्ता, मनजीत सिंह दुआ ने कहा कि चारबाग क्षेत्र में बाहर से आने वाले ग्राहकों को भी कपड़े या जूट का थैला लेकर खरीदारी करने की आदत डालनी होगी। इस दौरान प्रियंक गुप्ता, महामंत्री शशि शुक्ला, रविंद्र गुप्ता, निखिल रस्तोगी, अरविंद पाठक, रविंद्र यादव ने भी अपने सुझाव रखे।

बैठक के समापन पर डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह ने आश्वासन दिया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अगले एक माह तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों एवं व्यापारिक संगठनों के साथ संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक निर्माण इकाइयों को बढ़ावा देने, आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराने तथा पानी की प्लास्टिक बोतलों के व्यवहारिक विकल्पों पर भी कार्य किया जाएगा। संगठन प्रमुख अमरनाथ मिश्र ने व्यवहारिक संसाधन उपलब्ध कराए जाने की बात की।

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