दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद, यात्रियों को भारी परेशानी; केजरीवाल बोले- सभी स्टेशन बंद कर देंगे तब भी युवा पहुंचेंगे

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बुधवार को सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया। यह फैसला जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर लिया गया, जिससे दफ्तर जाने के व्यस्त समय में हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मेट्रो स्टेशन बंद करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे आंदोलन नहीं रुकेगा और युवा किसी न किसी तरह प्रदर्शन स्थल तक पहुंच जाएंगे।

डीएमआरसी ने लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम सहित 16 मेट्रो स्टेशनों को एहतियातन बंद कर दिया। हालांकि, कई लाइनों पर मेट्रो सेवाएं जारी रहीं, लेकिन ट्रेनें इन स्टेशनों पर नहीं रुकीं। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रही।

स्टेशन बंद होने से हजारों यात्रियों को बीच रास्ते में अपनी यात्रा का मार्ग बदलना पड़ा। कई लोगों को वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ा, जिससे बस स्टॉप, ऑटो स्टैंड और कैब सेवाओं पर अचानक दबाव बढ़ गया। कई यात्री मोबाइल नेविगेशन ऐप की मदद से नए रास्ते तलाशते नजर आए, जबकि कुछ लोगों ने परिवार और परिचितों से संपर्क कर मदद मांगी।

यात्रियों ने बताया कि बिना पूर्व सूचना के स्टेशनों के बंद होने से भ्रम और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। केंद्रीय सचिवालय स्टेशन से यात्रा कर रहीं एक महिला यात्री ने बताया कि स्टेशन परिसर के बाहर प्रदर्शनकारी मौजूद थे और लोगों में यह असमंजस था कि वे सुरक्षित बाहर निकल पाएंगे या नहीं। वहीं, येलो लाइन के एक यात्री ने कहा कि ट्रेन में घोषणा कर बताया गया कि दिल्ली गेट से खान मार्केट के बीच किसी भी स्टेशन पर उतरने की अनुमति नहीं होगी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद करना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जितना छात्रों और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश करेगी, आंदोलन उतना ही मजबूत होगा। उनके अनुसार, यदि सभी मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए जाएं, तब भी युवा पैदल चलकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंच जाएंगे।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर छात्रों की मांगें सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों को देखते हुए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन का समर्थन करती है और सभी राजनीतिक दलों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की।

उन्होंने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की भी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बताया। उधर, सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन ने लोगों से यात्रा से पहले मेट्रो सेवाओं की ताजा जानकारी लेने की अपील की है।

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