Air Chief Marshal AP Singh: 'भविष्य के युद्ध अकेले किसी एक सेना के दम पर नहीं जीते जा सकते'
करवार (कर्नाटक)। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि भविष्य के युद्ध केवल किसी एक सैन्य बल के भरोसे नहीं लड़े जा सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त अभियान ही सफलता की कुंजी होंगे।
कर्नाटक के करवार में माहे श्रेणी के पनडुब्बी रोधी शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) के दूसरे पोत आईएनएस मालवन के जलावतरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों को एक राष्ट्र के रूप में मिलकर कार्य करना होगा। उनके अनुसार, भविष्य के संघर्षों में तीनों सेनाओं और अन्य संबद्ध सेवाओं की संयुक्त भूमिका ही निर्णायक साबित होगी।
CDS बनने के बाद बढ़ी संयुक्त अभियान की रफ्तार
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की व्यवस्था लागू होने के बाद समन्वय पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुआ है और आने वाले समय में यह और बेहतर होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सेनाएं मिलकर देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।
'तकनीक में देरी, तकनीक से वंचित होने के समान'
वायुसेना प्रमुख ने रक्षा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के तेजी से विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य तकनीकों का विकास समय के साथ होना बेहद जरूरी है, क्योंकि "तकनीक में देरी, तकनीक से वंचित होने के समान है।"
उन्होंने विशेष रूप से विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत को रक्षा उत्पादन में स्वदेशी क्षमताओं को और मजबूत करना होगा।
समुद्री सुरक्षा को बताया आर्थिक विकास की रीढ़
एपी सिंह ने कहा कि भारत जैसे देश के लिए समुद्री सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का व्यापार बड़े पैमाने पर समुद्री मार्गों पर निर्भर करता है और यही उसके आर्थिक भविष्य को निर्धारित करता है।
उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और भारतीय नौसेना समुद्री संपर्क मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है, जिससे देश का व्यापार और आर्थिक विकास निर्बाध रूप से जारी रह सके।
नौसेना की स्वदेशी उपलब्धियों की सराहना
सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का उल्लेख करते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि भारतीय नौसेना ने स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विमानन क्षेत्र भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।
आईएनएस मालवन के जलावतरण समारोह में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्सायन, नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
