Rahul Gandhi PC: 'छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों?', शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर सरकार पर राहुल गांधी का बड़ा हमला
इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का वीडियो दिखाया। पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा मंत्री के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा।
नई दिल्लीः कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन का एक वीडियो दिखाया, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई दिखाई गई। वीडियो के बाद राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग क्यों हुआ।
'छात्र सिर्फ निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं'
राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र केवल अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से उठा रहे थे। उनके अनुसार, छात्रों की प्रमुख मांग एक पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी कि छात्रों के सामने सुरक्षाबलों को हथियारों के साथ खड़ा होना पड़ा।
https://twitter.com/RahulGandhi/status/2079882776946557032?s=20
'पेपर लीक से बढ़ रहा मानसिक दबाव'
राहुल गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्र पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आने से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, इन परिस्थितियों के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन्हें निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए।
'10 वर्षों में 152 पेपर लीक का दावा'
कांग्रेस सांसद ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 बार परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि औसतन हर महीने एक पेपर लीक का मामला सामने आया। राहुल गांधी के मुताबिक, हर ऐसी घटना के बाद लाखों छात्रों को दोबारा तैयारी करनी पड़ती है, लेकिन उनकी परेशानियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
'7.5 करोड़ छात्र और परिवार प्रभावित'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें बड़ी संख्या मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की है, जो अपनी आय का बड़ा हिस्सा बच्चों की शिक्षा पर खर्च करते हैं। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद किसी भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में सफल नहीं रही है।
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