Bahraich News : अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध के बाद सपा नेताओं पर कार्रवाई, राम जी यादव और लक्ष्मीनारायण यादव हाउस अरेस्ट
बहराइच में अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने सपा जिला उपाध्यक्ष राम जी यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव को एहतियातन हाउस अरेस्ट किया। बाद में अखिलेश यादव के रिहा होने के बाद लक्ष्मीनारायण यादव को राहत दे दी गई।
पयागपुर/जरवल रोड (बहराइच), अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात हुए प्रदर्शन के बाद बहराइच में प्रशासन ने सपा नेताओं पर एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी। पयागपुर में सपा के जिला उपाध्यक्ष राम जी यादव को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि जरवल रोड क्षेत्र में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव को भी देर रात तक घर में नजरबंद रखा गया। बाद में अखिलेश यादव के रिहा होने और विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद उन्हें राहत दे दी गई।
पयागपुर में राम जी यादव हाउस अरेस्ट
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 10 बजे पयागपुर पुलिस ने सपा के जिला उपाध्यक्ष राम जी यादव को उनके सुहेलवा स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। प्रशासन के निर्देश पर उपनिरीक्षक गणेश दत्त मिश्र और वेद प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया। उनकी निगरानी के लिए पांच पुरुष और दो महिला आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई।
डीएम चौराहे पर किया था विरोध प्रदर्शन
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही मंगलवार रात सपा कार्यकर्ताओं ने जिला उपाध्यक्ष राम जी यादव के नेतृत्व में डीएम चौराहे पर पहुंचकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन ने एहतियातन उन्हें घर में ही रहने के निर्देश दिए।
पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव भी रहे हाउस अरेस्ट
वहीं जरवल रोड थाना क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव को भी उनके अलीनगर स्थित आवास पर एहतियातन हाउस अरेस्ट किया गया। पुलिस को आशंका थी कि वह जनपद स्तर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। इसी को देखते हुए उन्हें देर रात तक आवास तक ही सीमित रखा गया और पुलिस बल तैनात रहा।
देर रात मिली राहत
अखिलेश यादव के रिहा होने और जिले में विरोध-प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस ने लक्ष्मीनारायण यादव पर लगाया गया आवासीय प्रतिबंध हटा दिया। इस संबंध में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताया, जबकि थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन यह कदम उठाया गया था।
