असम में बाढ़ का कहर: 21 और लोगों की मौत, 5.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित
शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित, सेना और राहत एजेंसियों ने 6 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला
गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य में बुधवार को बाढ़ के पानी में डूबने से 21 और लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 5.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही इस साल राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 12 जिलों में बाढ़ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इनमें विश्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग, नागांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिले शामिल हैं।
शिवसागर में सबसे अधिक मौतें, 13 लोगों की गई जान
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में शिवसागर जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से 13 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में चार महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा चराइदेव में दो बच्चों समेत पांच लोगों, गोलाघाट में दो लोगों और जोरहाट में एक महिला की मौत हुई है।
शिवसागर में 3.6 लाख लोग प्रभावित
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां करीब 3.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद जोरहाट में लगभग 88 हजार और चराइदेव में 72,500 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति सोमवार रात की तुलना में और खराब हुई है। सोमवार तक जहां करीब 3.63 लाख लोग प्रभावित थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 5.65 लाख के पार पहुंच गई है।
आईएमडी ने जारी किया येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने असम के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले चार दिनों तक कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
राहत और बचाव अभियान तेज
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर के कई इलाकों से 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान तेज कर दिया है।
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