अमेरिका तक पहुंची सोनम वांगचुक के आंदोलन की गूंज, वाशिंगटन में भारतीय दूतावास के बाहर जुटे मानवाधिकार कार्यकर्ता
वाशिंगटन। भारत में नीट परीक्षा सहित परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका में मानवाधिकार संगठनों के कार्यकर्ता एकजुट हुए। अमेरिका स्थित संगठन 'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स' और 'आजादी प्रोजेक्ट' से जुड़े कार्यकर्ता शुक्रवार शाम वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास के पास महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में वांगचुक के समर्थन में संदेश लिखी तख्तियां ले रखी थीं।
प्रदर्शनकारियों ने उठाई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार के खिलाफ नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मानवाधिकार संगठनों ने कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर बातचीत करनी चाहिए और इस मुद्दे का समाधान संवाद के माध्यम से तलाशना चाहिए।
28 जून से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं वांगचुक
सोनम वांगचुक 28 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनका आंदोलन नीट परीक्षा सहित देश की परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा है। वांगचुक की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में सुधार और इस मामले में जवाबदेही तय करना शामिल है। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
पहले भी सरकार से बातचीत की अपील कर चुका है संगठन
इस सप्ताह की शुरुआत में हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स ने भारत सरकार से अपील की थी कि वह सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करे तथा उनकी चिंताओं को सुने। संगठन ने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए।
अमेरिका में बढ़ा समर्थन
वाशिंगटन में हुए इस प्रदर्शन के जरिए अमेरिका में मौजूद कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने वांगचुक के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
