बदरीनाथ चढ़ावा घोटाला मामले में SIT की बड़ी कार्यवाई, BKTC के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार

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Edited By Anjali Singh
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चमोली। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावा राशि और दान सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने मामले के सह-अभियुक्त राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर उसकी संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित तरीके से जारी है। जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान एसआईटी ने बदरीनाथ मंदिर के थाली भेंट गणना कक्ष की अलग-अलग तारीखों की सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। इसके अलावा संबंधित कर्मचारियों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के स्थायी कर्मचारी और तत्कालीन मंदिर अधिकारी रहे राजेंद्र चौहान की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस के अनुसार, राजेंद्र चौहान पर आरोप है कि उसने नामजद आरोपी प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर थाली भेंट के दौरान प्राप्त धनराशि और अन्य दान सामग्री में कथित रूप से अनियमितता की।

500 रुपये की गड्डियां और दान सामग्री रखने का आरोप

एसआईटी जांच के अनुसार, 22, 25 और 29 जून 2026 की सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र चौहान कथित तौर पर 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य जांच सामग्री के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए राजेंद्र चौहान को सह-अभियुक्त बनाया गया।

ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार, बदरीनाथ थाने में पूछताछ जारी

एसआईटी ने शुक्रवार को राजेंद्र चौहान को ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार किया और उसे बदरीनाथ थाने लाया गया। यहां उससे मामले को लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले 12 जुलाई को मामले के मुख्य नामजद आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।

श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में सख्त कार्रवाई का दावा

पुलिस ने कहा कि यह मामला श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और जांच में सामने आने वाले हर तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की विवेचना भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जारी है और गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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