मलबे में तब्दील हुईं उत्तराखंड की 120 सड़कें, यमुनोत्री हाईवे बंद होने से फंसे 100 श्रद्धालु, जान जोखिम में डाल रस्सी के सहारे किया रेस्क्यू

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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देहरादून। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसी है। पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण तीन राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) सहित कुल 120 मार्ग पूरी तरह अवरूद्ध हो गए हैं। इस बीच, उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां भारी मलबे के कारण पिछले दो दिनों से बाधित यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे करीब 100 तीर्थयात्रियों को एसडीआरएफ के जवानों ने रस्सी के सहारे रेस्क्यू कर सुरक्षित रास्ता पार कराया।

जान जोखिम में डालकर पार किया रास्ता, SDRF बनी देवदूत

राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) से मिली जानकारी के अनुसार, स्यानाचट्टी में भारी मलबे के कारण मुख्य सड़क का लगभग 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। मार्ग बंद होने से यमुनोत्री यात्रा पर आए सैकड़ों श्रद्धालु बीच में ही फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और एक वैकल्पिक मार्ग पर सुरक्षित तरीके से रस्सियां बांधीं। इसके बाद जवानों ने अत्यंत सावधानी, कुशलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए लगभग 100 यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित तरीके से रास्ता पार कराया। अधिकारियों ने बताया कि सड़क को दुरुस्त करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के बीच ऊपर से गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण काम में बार-बार बाधा आ रही है।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को प्रभावित भूस्खलन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात शीघ्र बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक मशीनरी और संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता मनोज रावत को स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को वैकल्पिक पैदल मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में रस्सियां, सोलर लाइट और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

केदारनाथ और कोटद्वार मार्ग भी ठप, मलबे की चपेट में आया वाहन

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग के सिरोबगड़ के पास भारी मलबा आने से बाधित है। इसके अलावा पौड़ी जिले में कोटद्वार-सतपुली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप है, जिसे खोलने की कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में प्रदेशभर की कुल 120 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। एसईओसी ने बताया कि शुक्रवार देर रात पौड़ी जिले के गुमखाल-सतपुली मार्ग पर सब्जी लेकर जा रहा एक पिकअप वाहन पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि वाहन में सवार चालक सहित तीनों लोग इस घटना में सुरक्षित बच गए।

कीर्तिनगर और सतपुली में रिकॉर्ड तोड़ बारिश

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तराखंड के अनेक स्थानों पर पिछले 24 घंटे में भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गयी है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रमुख क्षेत्रों में हुई बारिश इस प्रकार है

कीर्तिनगर: 135 मिमी

सतपुली: 116 मिमी

लोहारखेत: 89 मिमी

यमेश्वर: 71 मिमी

सोंग: 67 मिमी

पोखरी: 63 मिमी

नंदकेसरी: 55.6 मिमी

रिखणीखाल और देवाल: 53.5 मिमी

थलीसैंण: 53 मिमी

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