Kannauj News : अब CBSE नहीं, यूपी बोर्ड से होगी पढ़ाई; राजकीय अभिनव इंटर कॉलेज का बदला नाम

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Published By Deepak Mishra
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यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल हो रहे कन्नौज समेत सूबे के 18 कॉलेज

अजय मिश्र/कन्नौज/अमृत विचार। अपने शहर में करीब 10 साल से संचालित कानपुर मंडल के इकलौता राजकीय अभिनव इंटर कॉलेज में अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पैटर्न की पढ़ाई नहीं होगी। यूपी बोर्ड की मान्यता के तहत ही छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। साथ ही सरकार ने विद्यालय का नाम बदलकर पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज कर दिया है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में राजकीय अभिनव इंटर कॉलेज संचालित हैं। बताया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सपा सरकार में इनका निर्माण व संचालन शुरू हुआ था। करीब 200 करोड़ की लागत से बने कानपुर मंडल के सभी छह जिलों में एकमात्र यह विद्यालय कन्नौज में वर्ष 2016 से संचालित हो रहा है। जो जरूरतमंद महंगे निजी विद्यालयों में प्रवेश नहीं ले पाते हैं वह बच्चे सीबीएसई की पढ़ाई यहां से कर रहे हैं। इस स्कूल में ज्यादातर छात्र-छात्राएं शहर या निकट के गांव के ही पढ़ने आते हैं। स्टाफ के सापेक्ष यहां छात्र-छात्राओं की संख्या भी पूरी बताई जा रही है।

प्रभारी प्रधानाचार्य जितेंद्र यादव ने बताया कि उनके अलावा तीन एलटी यहां तैनात हैं। एक बाबू व एक ही आउटसोर्सिंग कर्मी वर्तमान में कार्यरत हैं। एक भी सफाईकर्मी यहां तैनात नहीं है। कक्षा 06 से 12 तक के 210 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं जिसमें कक्षा 09 से 12 तक के 104 विद्यार्थी हैं। दूसरी ओर 11 मई को विशेष सचिव केके गुप्ता ने भी चिट्ठी जारी कर कहा है कि सभी 18 विद्यालयों में यूपी बोर्ड पैटर्न की पढ़ाई शुरू की जाने की अनुमति दी जाती है। 

यह हो रहीं चर्चाएं

चर्चा है कि सीबीएसई से मान्यता नवीनीकरण आदि के लिए पांच साल में राजकीय अभिनव विद्यालय के नाम पर 25 हजार रुपये खर्च होते हैं। कन्नौज के अभिनव विद्यालय की मान्यता वर्ष 2031 तक नवीनीकृत हो चुकी है। सीबीएसई से कहा जा रहा है कि मानक के तहत कंप्यूटर लैब व शिक्षकों की कमी दूर की जाए।

शासन से 19 मार्च 2026 को पत्र जारी हुआ है जिसमें कहा गया है कि राजकीय अभिनव विद्यालय का नाम बदलकर पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज कर दिया जाए। साथ ही सीबीएसई की बजाय यहां माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज यानि यूपी बोर्ड की पढ़ाई होगी। पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ही रहेगा, जो सीबीएसई में भी है...पप्पू सरोज, जिला विद्यालय निरीक्षक।

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