Kanpur News : 12 जुलाई को 35.84 लाख पौधे लगाएगा कानपुर, प्रमुख सचिव बोले- वृक्षारोपण स्थलों की जियो-टैगिंग हरितिमा ऐप पर अपलोड करें

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Published By Deepak Mishra
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मियावाकी फॉरेस्ट समेत 500 से अधिक स्थानों पर होगा वृक्षारोपण

प्रदेशव्यापी वृहद वृक्षारोपण महाअभियान को सफल बनाने के लिए शासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शनिवार को सर्किट हाउस में शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) डॉ. एम.के. षणमुग सुंदरम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें 12 जुलाई को होने वाले महाअभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कानपुर, अमृत विचार। शासन द्वारा जनपद के लिए नामित नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. षणमुग सुंदरम की अध्यक्षता में शनिवार को सर्किट हाउस में 12 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी वृक्षारोपण स्थलों की जियो-टैगिंग समयबद्ध रूप से हरितिमा ऐप पर अपलोड की जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप व्यापक जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल बनाया जाए। उन्होंने वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा, संरक्षण एवं नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अवगत कराया कि जनपद में 500 से अधिक स्थलों पर 35 लाख 84 हजार 556 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसकी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा न्यू ट्रांसपोर्ट नगर फेस-2 योजना में लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र तथा ग्राम बिनगवां में दो हेक्टेयर क्षेत्र में तीन मियावाकी फॉरेस्ट विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्राम मकसूदाबाद स्थित उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निर्मित स्टेडियम के समीप सघन वन विकसित किया जाएगा। इन चारों स्थलों पर कुल 1 लाख 20 हजार 80 पौधों का रोपण किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने बताया कि जनपद में अमृत सरोवरों, पौराणिक स्थलों, पौराणिक मंदिरों, नदियों एवं नहरों के किनारों तथा निजी संस्थानों सहित विभिन्न स्थानों पर व्यापक जनभागीदारी से वृक्षारोपण कराया जाएगा। नगर निगम के उद्यान अधिकारी दिवाकर ने बताया कि नगर निगम पनकी गोआश्रय स्थल में मियावाकी पद्धति से विशेष वन विकसित करेगा। इसके लिए निर्धारित क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से पौधरोपण कराया जाएगा।

नोडल अधिकारी ने अभियान से किसानों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों की मेड़ों पर अधिकाधिक पौधरोपण करें और गांवों को हरा-भरा बनाने में सक्रिय योगदान दें। जिला उद्यान अधिकारी उमेश कुमार उत्तम ने विभागीय तैयारियों एवं किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी आकांक्षा जैन, परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह, डीपीआरओ मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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