राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : पुलिस ने माना संगठित अपराध, अब आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की तैयारी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामले को पुलिस संगठित अपराध मान रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में इसे गैंगवार अपराध बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के चढ़ावा गिनने वाले कमरे में करीब 40-42 दिनों में लगभग 70 बार चोरी हुई। रोज 6 से 8 लाख रुपये की राशि गायब होने का अनुमान है। अब पुलिस आठों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।

पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला को गिरोह का सरगना बता रही है। एसआईटी रिपोर्ट में उसे नंबर एक आरोपी बताया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस रिमांड के दौरान उसने करोड़ों की चोरी कबूली। उसने परिवार और दोस्तों पर 19 लाख रुपये खर्च करने की बात भी बताई। उसके लॉकर से नकदी, सोना-चांदी, आभूषण और विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई थी। पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच में यह सामने आया है कि चढ़ावा चोरी इन आठों आरोपियों की मिली जुली साजिश थी।

रोज सभी आरोपी 50 हजार से एक लाख रुपये चोरी करते थे, यहीं नहीं सभी चोरी की गई रकम को एकत्र कर बराबर का बंटवारा करते थे। पुलिस ने जिस स्थान पर बंटवारा होता था, उसे चिह्नित भी कर लिया है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों ने इसकी पुष्टि भी कर दी है। इसके बाद पुलिस का मानना है कि यह अपराध कई लोगों ने मिलकर सुनियोजित तरीके व एकमत होकर किया गया है। अब यह तय माना जा रहा है जांच टीम सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की संस्तुति कर सकती है। साथ ही उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई का भी प्रस्ताव रखा है।

महाकुंभ के दौरान हुई गणना कर्मियों की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

पुलिस की जांच में महाकुंभ के दौरान नए गणना कर्मियों की नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। इनकी नियुक्ति किसने व क्यों की थी, इसका जवाब अभी पुलिस को नहीं मिल सका है। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान चढ़ावे में मिली रकम आदि का कोई रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास नहीं मिला है। इसको लेकर जांच टीम ने 36 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी कर शहर छोड़ने से मना भी किया है।

दान पात्र की सुरक्षा में लगाए गए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी

चढ़ावा चोरी कांड के खुलासे के बाद अब ट्रस्ट गणना समेत अन्य कार्यों में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत मंदिर परिसर में रखे गए दानपात्रों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पिलर नंबर पांच के पास रखे दानपात्र की सुरक्षा के लिए एसएसएफ के जवानों को तैनात किया गया है।

वहीं, गणनास्थल पर सख्ती बढ़ा दी गई है। 13 नए सीसीटीवी लगाए गए हैं। सभी ब्लाइंड स्पॉटों को अब पूरी तरह से कवर कर लिया गया है। दान पात्र से रुपये निकालते व गिनती के समय से लेकर सेफ हाउस तक की जगहों की विशेष निगरानी के लिए अलग से स्टाफ की तैनाती की गई है, जो लगातार सीसीटीवी पर नजर गड़ाए रहता है।

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