Ayodhya News : राम मंदिर चंदा चोरी, 70 बार तो कैमरे में रिकॉर्ड, SIT रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे

Amrit Vichar Network
Published By Ateeq Khan
On

राम मंदिर चंदा चोरी में अनिल मिश्रा की लापरवाही, चंपत राय और गोपाल राव की भूमिका का जिक्र नहीं

श्रीराम मंदिर में चढ़ावा-चंदा चोरी पर भयंकर बवाल मचा है। महासचिव पद से चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा हो चुका है। सोमवार को ट्रस्ट की बैठक हुई। उसमें एसआईटी की ये रिपोर्ट रखी गई। रिपोर्ट बताती है कि मंदिर में दान की राशि के प्रबंधन के लिए ठोस नियम-कायदे बने थे। लेकिन उन्हें दरकिनार कर दिया गया। 

अमृत विचार : राम मंदिर चंदा चोरी की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। कम से कम 70 बार की चोरियां तो कैमरे में कैद हुई हैं। अनिल मिश्रा की घोर लापरवाही मिली है। चढ़ावा चोरी में प्रमुख भूमिका रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव की बताई गई है। चंपत राय और गोपाल राव साफ-सुथरे हैं। रिपोर्ट में उनका कहीं कोई जिक्र नहीं है। 

श्रीराम मंदिर में चढ़ावा-चंदा चोरी पर भयंकर बवाल मचा है। महासचिव पद से चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा हो चुका है। सोमवार को ट्रस्ट की बैठक हुई। उसमें एसआईटी की ये रिपोर्ट रखी गई। रिपोर्ट बताती है कि मंदिर में दान की राशि के प्रबंधन के लिए ठोस नियम-कायदे बने थे। लेकिन उन्हें दरकिनार कर दिया गया। 

विशेषकर दान की गणना को लेकर जो नियमावली तैयार की गई थी। उसकी धज्जियां उड़ा दीं। अनिल मिश्रा को सितंबर 2024 में चढ़ावा गिनती के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी मिली थी। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, गणना के नियमों का उल्लंघन हुआ। कर्मचारियों ने यहां तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। दान की राशि में कम से कम 70 बार चोरी की गई जो कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। कर्मचारी नोटों की गड्डियां और खुले नोट छिपाते देखे गए। 


एसआईटी ने कर दी चोरी की पुष्टि 


एसआईटी की जांच रिपोर्ट मंदिर परिसर में चोरी की पुष्टि करती है। जांच में न सिर्फ चोरी का जिक्र हुआ है बल्कि प्रबंधन से लेकर रुपयों की गिनती, सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी प्रश्नचिन्ह उठा है। हालांकि एसआईटी की ये शुरुआती जांच है। इन्वेस्टिगेशन जारी है और इस प्रकरण में और भी खुलासे सामने आ सकते हैं। बहरहाल, मंदिर में कितने रुपयों की चोरी हुई है। अभी तक ये साफ नहीं हो सका है। 


ट्रस्ट ने दिखाए दान के तोहफे 


राम मंदिर ट्रस्ट को दान किए गए करोड़ों रुपयों के सोने और चांदी के उपहारों को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे थे। सोमवार को ट्रस्ट की बैठक के बाद प्रबंधन ने सभी दान उपहारों को सार्वजनिक किया। इसमें सोने की रामचरितमानस से लेकर अन्य उपहार शामिल हैं। ट्रस्ट ने कहा कि दानदाता अपने उपहार को देखना चाहते हैं तो वह देख सकते हैं। सभी सामान सुरक्षित है। समाज में केवल भ्रम फैलाया जा रहा है। 

संबंधित समाचार