Hardoi News: स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, डॉक्टर के इंतजार में 10 घंटे तड़पती रही गर्भवती; परिजन लखनऊ ले गए

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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हरदोई, अमृत विचार। सीएचसी बेहंदर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल एक बार फिर खड़े हो गए हैं। निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत और सीएचसी में प्रसूता की मौत के मामले के अगले ही दिन एक और लापरवाही सामने आई। आरोप है कि डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के कारण एक गर्भवती महिला करीब 10 घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। इलाज न मिलने पर परिजन उसे देर शाम लखनऊ ले गए।

कासिमपुर थाना क्षेत्र के भीठा गांव निवासी धर्मेंद्र शनिवार सुबह अपनी गर्भवती पत्नी जानकी को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी बेहंदर लेकर पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स रचना देवी ने महिला को भर्ती तो कर लिया, लेकिन बताया कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं और उनके आने का इंतजार करना होगा।

परिजनों का आरोप है कि सुबह से शाम तक डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान जानकी दर्द से कराहती रही। महिला के देवर सुमित शर्मा, जिन्होंने खुद को सुप्रीम कोर्ट का अधिवक्ता बताया, ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. डी.पी. भारती से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। शाम तक डॉक्टर के न पहुंचने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। 

इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद ईएमओ डॉ. आरिफ लेबर रूम पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन डॉक्टरों की अनुपस्थिति को लेकर नाराज रहे। आखिरकार गर्भवती की हालत को देखते हुए परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले गए।

अधीक्षक बोले- डॉक्टरों के रवैये की होगी शिकायत

घटना के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. डी.पी. भारती ने कहा कि डॉक्टरों का इस तरह का रवैया गंभीर है। पूरे मामले से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को अवगत कराया जाएगा और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जा रहा है। 

बताया गया कि सीएचसी बेहंदर में महिला चिकित्सकों के रूप में डॉ. दीपिका रंजन, डॉ. पल्लवी और डॉ. रूही मेहराज की तैनाती है। इसके बावजूद घटना के समय कोई महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

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