'जब पेड़ ने छुट्टी मांगी' : बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का अनमोल संदेश देती प्रेरक कहानी
पेड़ की कल्पनात्मक छुट्टी के जरिए बच्चों को समझाया गया है कि हरियाली, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के लिए वृक्षों की सुरक्षा कितनी जरूरी है।
"जब पेड़ ने छुट्टी मांगी" एक संवेदनशील और प्रेरणादायक चित्रकथा है, जिसमें पेड़ को मानवीय रूप देकर उसकी भावनाओं को दर्शाया गया है। कहानी बताती है कि पेड़ बिना किसी स्वार्थ के हमें छाया, फल, ऑक्सीजन और स्वच्छ वातावरण देते हैं, लेकिन बदले में हम उनकी उचित देखभाल नहीं करते।
जब पेड़ कल्पनात्मक रूप से छुट्टी पर चला जाता है, तो पूरा वातावरण बदल जाता है। पक्षी बेघर हो जाते हैं, बच्चे धूप में खेलने को मजबूर होते हैं और चारों ओर सूखा दिखाई देता है। इसके बाद बच्चों को अपनी गलती का एहसास होता है और वे पेड़ों की देखभाल तथा नए पौधे लगाने का संकल्प लेते हैं। अंत में पेड़ फिर से हरा-भरा हो जाता है और बच्चों का आभार व्यक्त करता है।
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