Gonda News : बिना बारिश बढ़ने लगा सरयू का जलस्तर, जुलाई अंत तक बाढ़ की आशंका

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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पहाड़ी नालों का पानी बढ़ा रहा नदी का बहाव

करनैलगंज, अमृत विचार : पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। स्थानीय क्षेत्र में अभी व्यापक बारिश शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन नदी का बढ़ता बहाव बाढ़ की आशंका को बल दे रहा है। यदि आसपास के जिलों में एक साथ मानसूनी बारिश शुरू हुई तो जुलाई के अंत तक नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

बाढ़ नियंत्रण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जुलाई से नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदी का खतरे का निशान 106.07 मीटर है। 3 जुलाई को जलस्तर 103.520 मीटर था, जो शनिवार को बढ़कर 103.690 मीटर और रविवार को 104.140 मीटर पहुंच गया। बिना स्थानीय बारिश के ही जलस्तर में हो रही यह बढ़ोतरी प्रशासन की चिंता बढ़ा रही है। 

जानकारों के अनुसार बाढ़ के शुरुआती दौर में नदी का पानी मैदानी क्षेत्रों में फैलता है। इसके बाद जब नदी का दबाव बढ़ने पर पानी तटबंधों से टकराने लगता है, तब कटान और बाढ़ का खतरा अधिक हो जाता है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य ने बताया कि फिलहाल नदी का जलस्तर मध्यम गति से बढ़ रहा है। मैदानी क्षेत्र अभी पूरी तरह सूखे हैं। पहले इन क्षेत्रों में पानी भरने के बाद ही नदी का दबाव तटबंधों तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से बचाव के सभी कार्य निर्धारित योजना के अनुसार तेजी से कराए जा रहे हैं।

10 दिनों में 2.18 मीटर बढ़ा घाघरा का जलस्तर

करनैलगंज। घाघरा नदी का जलस्तर पिछले दस दिनों में तेजी से बढ़ा है। बाढ़ खंड के रिकार्ड के अनुसार 25 जून को सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 102.270 मीटर था, जो 5 जुलाई को बढ़कर 104.120 मीटर पहुंच गया। यानी इस अवधि में नदी का जलस्तर करीब 1.85 मीटर बढ़ा है। 

सबसे अधिक बढ़ोतरी 30 जून के बाद दर्ज की गई, जब पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने लगा। 30 जून को जलस्तर 101.940 मीटर था, जो 1 जुलाई को 102.410, 2 जुलाई को 102.850, 3 जुलाई को 103.520, 4 जुलाई को 103.690 और 5 जुलाई को 104.120 मीटर पहुंच गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए बाढ़ खंड ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है और संवेदनशील स्थलों पर बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

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