राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : जेल में छह घंटे तक पूछताछ, पांचों आरोपियों ने उगले कई राज, जल्द रिमांड लेकर होगी नकदी-जेवरात की बरामदगी
रिमांड लेकर पुलिस कर सकती है नकदी व जेवरात की बरामदगी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही पुलिस ने रविवार को जिला कारागार में पांच आरोपियों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी सुबह करीब 11:15 बजे कारागार पहुंचे। वह एक उप निरीक्षक व आरक्षी के साथ अंदर गए।
अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही पुलिस ने रविवार को जिला कारागार में पांच आरोपियों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी सुबह करीब 11:15 बजे कारागार पहुंचे। वह एक उप निरीक्षक व आरक्षी के साथ अंदर गए। शाम करीब 4:20 बजे बाहर निकले और अपने गाड़ी में बैठकर चले गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया को कोई जानकारी देने से इनकार किया।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी जीजा-साले अनुकल्प मिश्र व लवकुश मिश्र से अलग-अलग व फिर एक साथ करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की। बताया जा रहा है कि पूछताछ का मतलब उनके द्वारा चढ़ावा चोरी की गई अर्जित की गई धनराशि का कहां व कितना प्रयोग किया। बताया जा रहा है कि दोनों ने कई संपत्तियों के साथ अपने एक रिश्तेदार को भी उधार पर भारी रकम देने की बात स्वीकारी है।
ध्यान रहे कि अनुकल्प ने कौशलपुरी कॉलाेनी में करीब 80 लाख रुपये का व लवकुश ने अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर बनवीरपुर गांव के पास करीब 30 लाख की जमीन व उस पर अर्धनिर्मित मकान की बात पहले भी सामने आ चुकी है। वहीं, इस बार हुई पूछताछ में कुछ खेती योग्य जमीन व एक गेस्ट हाउस में पार्टनरशिप होने की भी बात बताई।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों में राम शंकर यादव टिन्नू ने भी कुछ होटल व गेस्ट हाउस में रुपये लगाने की बात कही है। रमाशंकर मिश्र ने ब्याज पर रुपये देने व मनीष यादव ने कुछ रकम चोरी करने की बात स्वीकार की।
सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने इन बयानों को रिकॉर्ड भी किया है। साथ ही उसे कागजों पर अंकित कर उनके हस्ताक्षर भी लिए। अब माना जा रहा है कि पुलिस इन पांचों आरोपियों का रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। अनुमति मिलने के बाद इनके पास मौजूद नकदी, आभूषण व वाहन आदि बरामद करने का प्रयास करेगी।
पुलिस ने बनाया फाइलों का पुलिंदा
मामले में 25 जून को ट्रस्टी कृष्ण मोहन की तहरीर पर थाना राम जन्मभूमि पुलिस ने चढ़ावा चोरी के आरोप में आठ आरोपियों पर केस दर्ज किया था। मामले की विवेचना सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को सौंपी गई थी। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 27 जून को पुलिस की छह टीम ने एक साथ आठों आरोपियों के आवास पर छापेमारी की थी।
इसके बाद से बैंक की जांच पड़ताल, मंदिर परिसर में पूछताछ लगातार की जा रही है। वहीं, पुलिस ने एक आरोपी अविनाश शुक्ल को रिमांड पर लेकर उसकी निशानदेही पर एक कार भी बरामद की थी, जिसका चोरी की धनराशि ले जाने की बात बताई गई। उसके बाद जेल में पांच आरोपियों से पूछताछ की गई। इन सभी जांच की फाइल पुलिस ने तैयार कर ली है। रविवार को विवेचक जेल से बाहर निकले तो उनके हमराही के हाथों में मोटी फाइलों का पुलिंदा भी दिखा।
पुलिस अधिकारियों ने धारण किया मौन व्रत
चढ़ावा चोरी विवाद सामने आने से पहले छोटी बड़ी वारदात के आरोपियों को पकड़कर पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता करने वाली अयोध्या पुलिस ने आज इस मामले में मौन व्रत धारण कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने पत्रकारों का फोन उठाना बंद कर दिया है, कुछ जानकारी देना दूर की बात है। वहीं नाम न छापने की शर्त पर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सब ऊपर से आदेश है।
