राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : चंपत और अनिल के इस्तीफे पर टिकी देशभर की नजर, ट्रस्ट के निर्णय में कुछ ही घंटे शेष

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर मचे बवंडर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय व ट्रस्टी अनिल मिश्र के इस्तीफे पर फैसले को 24 घंटे से भी कम समय रह गया।

अयोध्या, अमृत विचार : श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर मचे बवंडर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय व ट्रस्टी अनिल मिश्र के इस्तीफे पर फैसले को 24 घंटे से भी कम समय रह गया। ट्रस्ट की बैठक सोमवार छह जुलाई को दोपहर बाद तीन बजे मणिराम दास छावनी अयोध्या में होगी। इस्तीफा देने से चंपतराय व डाॅ. अनिल मिश्र की बैठक में मौजूदगी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

ज्यादातर लोगों का मानना है कि इस्तीफा देने से वे ट्रस्ट की बैठक में शायद ही हिस्सा लें। अगर बैठक में इनके इस्तीफे पर पुनर्विचार व उसे अस्वीकार कर दिया जाता है तो दोनों के इस्तीफा के घटनाक्रम को फिक्स मैच तरह देखा जाने लगेगा। ढेर सारे आरोपों के बीच चंपतराय व डाॅ. अनिल मिश्र पर अंगुली उठी है। ऐसे में उनके ट्रस्ट में बना रहना आसान तो नहीं लगता। यह दोनों के लिए ऐसा कठिन समय है। अटकलें जारी हैं।

आए दिन चढ़ावा चोरी के साथ सोने, चांदी के गहने को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा को परेशान करने के लिए काफी हैं। सभी की नजर सोमवार की तीर्थ क्षेत्र की बैठक पर लगी है। बता दें कि केंद्र सरकार ने पांच फरवरी 2020 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का गठन राम मंदिर निर्माण के लिए किया है। चंपतराय 19 फरवरी 2020 से श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव हैं।

महासचिव होने की वजह से राम मंदिर से जुड़े हर फैसले में उनकी सहमति जरूरी होती थी। अगर ट्रस्ट ने इस्तीफा मंजूर कर लिया तो अयोध्या से उनकी विदाई का उनके लिए सबसे दुखद अध्याय होगा। ऐसा नहीं हुआ तो संघ पर सवाल होगा। भाजपा के लिए आगे की राजनीतिक राह मुश्किलों भरी मानी जा रही है।

कड़ी सुरक्षा के बीच बैठक में पहुंचेंगे चंपत व अनिल

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक को लेकर मणिरामदास जी की छावनी के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसको लेकर खुफिया एजेंसियां भी सतर्क है। वह शहर में होने वाली प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रख रही है। मीडिया को बैठक से दूर करने की तैयारी की गई है। वहीं, विवाद के बाद तीर्थ भवन ट्रस्ट में रह रहे ट्रस्ट महासचिव चंपत व सदस्य डॉ अनिल मिश्र को बैठक स्थल तक पहुंचाने के लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि उन्हें पुलिस के वाहनों के काफिले के बीच मणिराम दास जी की छावनी तक पहुंचाया जाएगा।

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