बिहार सिपाही भर्ती पेपर लीक कांड : पुलिस के हत्थे चढ़ा फरार सिपाही जन्मेजय, भोजपुर से हुआ गिरफ्तार
पटना : बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सिपाही भर्ती परीक्षा में जालसाजी और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
आर्थिक अपराध शाखा की इस कार्रवाई को इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि एक ही दिन में दो अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज गया है।
फरार चल रहे सिपाही को भेजा जेल
दरअसल, पूरा मामला साल 2023 में हुए सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है। पटना के लोहिया नगर स्थित रामकृष्ण द्वारिका महाविद्यालय में एक अक्टूबर को सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा चल रही थी। इस दौरान नकल करते हुए 6 अभ्यर्थी पकड़े गए थे, लेकिन इन अभ्यर्थियों को मोबाइल के जरिए प्रश्नों के उत्तर बताने वाला सिपाही जन्मेजय तिवारी अभी तक फरार चल रहा था। जिसे आर्थिक अपराध शाखा ने 3 जुलाई को गिरफ्तार किया है।
जन्मेजय तिवारी अग्निशमन विभाग में चालक के पद पर तैनात था, हालांकि इस मामले में नाम आने के बाद उसे पद से हटा दिया गया था।
बता दे कि साल 2023 में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द हो गई थी। इसके अलावा इस घटना में शामिल होने का आरोप सिपाही कमलेश कुमार सिंह, सिपाही ओमप्रकाश और अभिषेक कुमार सिंह पर भी लगा था, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है।
वही आर्थिक अपराध शाखा ने दूसरी गिरफ्तारी रामचंद्र गुप्ता नाम के शख्स की है। रामचंद्र गुप्ता पर साल 2013 में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था। जिसमें इनपर प्रतिरक्षा में अपनी पत्नी पूनम गुप्ता के नाम से जमीन के गलत कागज लगाने का मामला भी दर्ज है। आरोपित रामचंद्र गुप्ता बिहार के रूरल वर्क डिपार्टमेंट में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर तैनात थे, साल 2020 में सेवानिवृत्तिहोने के बाद से ही फरार चल रहे थे।
