Panchang 6 July 2026 : सोमवार को शिव पूजा से बनेंगे शुभ योग, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग

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Published By Deepak Mishra
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अमृत विचार डेस्क, लखनऊ। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ मुहूर्त का विचार किया जाता है। 6 जुलाई 2026, सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक शिवलिंग का अभिषेक और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

आज का पंचांग
तिथि: आषाढ़ कृष्ण पक्ष षष्ठी (दोपहर 1:47 बजे तक), इसके बाद सप्तमी
वार: सोमवार
सूर्योदय: सुबह 5:50 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
चंद्रोदय: रात 10:24 बजे
चंद्रास्त: दोपहर 12:02 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:14 बजे से 5:02 बजे तक
अमृत काल: सुबह 7:16 बजे से 8:56 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से 12:58 बजे तक

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अभिजीत मुहूर्त को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेना लाभकारी माना जाता है।

राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 7:13 बजे से 8:57 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 10:50 बजे से 12:31 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 2:11 बजे से 3:55 बजे तक

मान्यता है कि राहुकाल और अन्य अशुभ काल में नए एवं मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।

नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति
सूर्य: मिथुन राशि में, पुनर्वसु नक्षत्र
चंद्रमा: शाम 4:07 बजे तक पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, इसके बाद उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
चंद्र राशि: कुंभ
योग: सौभाग्य योग और प्रीति योग का प्रभाव
यात्रा से पहले रखें यह सावधानी

सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। यदि इस दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ उपाय करने के बाद ही प्रस्थान करना बेहतर माना जाता है।

ज्योतिषाचार्य की राय

ज्योतिषाचार्य पंडित राजीव शास्त्री के अनुसार, सोमवार भगवान शिव की उपासना का विशेष दिन है। उन्होंने बताया कि प्रातः स्नान के बाद शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अक्षत अर्पित कर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और कार्यों में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। यदि राहुकाल में किसी कारणवश कोई आवश्यक कार्य करना पड़े तो पहले भगवान गणेश और भगवान शिव का स्मरण अवश्य करना चाहिए।

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