Barabanki Weather News : झमाझम बारिश से खिल उठे किसानों के चेहरे, धान की रोपाई में आई तेजी
बाराबंकी में रविवार दोपहर हुई बारिश से भीषण उमस से राहत मिली और धान की रोपाई में तेजी आई। वहीं रामसनेहीघाट में सरयू नदी के जलस्तर और नेपाल से पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है।
बाराबंकी। अमृत विचार : रविवार दोपहर बाद बारिश का टोटा दूर हो गया। जमकर बरसे बादलों ने भीषण उमस से बेहाल आमजन को तर बतर कर दिया। पारा तो लुढ़का ही साथ ही बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल गए। अब धान की रोपाई में तेजी आ सकेगी।
रविवार को तापमान 37 डिग्री पर टिका रहा लेकिन दो दिनों से बारिश थम जाने से अत्यधिक नमी के चलते भीषण उमस ने आमजन को बेहाल कर रखा था। उधर धान रोपाई के लिए खेतों की ओर रुख कर चुके किसान अचानक बारिश के थमने से असहज हो गए थे। उमड़ते घुमड़ते बादल ताकते किसान बारिश की उम्मीद लगाए हुए थे। उनकी यह उम्मीद रविवार दोपहर बाद आसमान पर अचानक आए बादलों ने पूरी कर दी।
भीषण गर्मी उस पर उमस का कहर झेल रहे लोगों के लिए यह बारिश काफी सुकून देने वाली रही। सबसे ज्यादा असहज स्थिति किसानों की रही। दो दिन बाद पानी बरसते ही किसान खेती में व्यस्त हो गया। खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई ने अभियान का रूप ले लिया। किसान अनुपम वर्मा का कहना है कि रविवार को हुई बारिश खेती में मदद लायक है लेकिन जमकर बारिश होने से धान रोपाई कम समय में पूरी हो जाएगी। हालांकि जोरदार बारिश की बात मौसम विभाग कर रहा।
नेपाल से पानी छोड़ने की आशंका पर प्रशासन सतर्क
रामसनेहीघाट : मानसून के सक्रिय होते ही तहसील रामसनेहीघाट में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। सरयू नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन नेपाल के बैराजों से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसे देखते हुए पहले से ही बचाव और राहत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट अनुराग सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र के बाढ़ संभावित गांवों गुनौली, जलालपुर, तराई, ढेमा, कोयलावर, टिकरी सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ चौकियों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर नाव, राहत सामग्री, दवाइयों और सुरक्षित आश्रय स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील है कि प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करें तथा बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर पर सतर्क निगाह बनाए रखें।
