राम मंदिर चढ़ावा गिनती से मेरा कोई संबंध नहीं था... कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि बोले- जांच में दोषियों को मिले सजा
लखनऊ/अयोध्या, अमृत विचार। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से एक दिन पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के दान की गिनती की प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि दान की गिनती की निगरानी शुरू से स्थानीय ट्रस्टियों द्वारा की जाती रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
चार जुलाई को ट्रस्ट सदस्यों को लिखे पत्र में गोविंद देव गिरि ने कहा कि वह पुणे में रहते हैं और धार्मिक कार्यों के कारण लगातार यात्रा पर रहते हैं। ऐसे में हुंडी में आए चढ़ावे की गिनती और उसकी निगरानी स्थानीय ट्रस्टियों की जिम्मेदारी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका दायित्व ट्रस्ट की आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना है, न कि चढ़ावे की गिनती कराना। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह न किसी के पक्ष में हैं और न ही किसी के विरोध में, बल्कि सच के साथ खड़े हैं। उन्होंने पुलिस और एसआईटी से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की।
'एक-एक पैसे का हिसाब होना चाहिए'
गोविंद देव गिरि ने कहा कि भगवान राम के भक्तों द्वारा दिए गए दान के प्रत्येक रुपये का पारदर्शी हिसाब होना चाहिए। उन्होंने ट्रस्ट से आग्रह किया कि विशेषज्ञों की सलाह लेकर ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे भविष्य में दान की गिनती पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित हो सके।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की आय-व्यय का नियमित ऑडिट होता है और अधिकृत व्यक्ति कभी भी उसकी जांच कर सकते हैं। उनके अनुसार, हर महीने पुणे स्थित कार्यालय के चार्टर्ड अकाउंटेंट अयोध्या पहुंचकर आय-व्यय की समीक्षा करते हैं और आवश्यक सलाह भी देते हैं।
'भुगतान सीधे बैंक के जरिए होते हैं'
कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के सभी भुगतान बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नहीं हैं और ट्रस्ट के पास चेकबुक भी नहीं है। सभी भुगतान सीधे बैंक के जरिए किए जाते हैं, नकद लेन-देन नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्टी बनने के बाद उन्होंने कुछ अपवादों को छोड़कर कभी भी किसी से नकद या वस्तु के रूप में दान स्वीकार नहीं किया।
'चोरी से भक्तों की भावनाएं आहत हुईं'
गोविंद देव गिरि ने कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना ने करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि दान की गिनती के दौरान किसी ने चोरी की है तो यह घोर पाप है और इसकी गहन व निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत, एसआईटी और पुलिस पर पूरा भरोसा है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बहाने सनातन धर्म और राम मंदिर की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
