Barabanki News : बाराबंकी में बोले अबू आसिम आजमी- यह लड़ने का नहीं, संविधान बचाने के लिए एकजुट होने का समय
विपक्षी एकता पर दिया जोर, कहा- वोटों का बिखराव रोकना सभी दलों की जिम्मेदारी
बाराबंकी दौरे पर पहुंचे सपा नेता अबू आसिम आजमी ने संविधान, विपक्षी एकता और मौजूदा राजनीतिक हालात पर बयान दिया। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से मतभेद भुलाकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
बाराबंकी : अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष, मुंबई के मानखुर्द-शिवाजी नगर से विधायक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद अबू आसिम आजमी ने रविवार को बाराबंकी प्रवास के दौरान देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, संविधान, विपक्षी एकजुटता और आगामी चुनावों को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे आजमी ने मीडिया से बातचीत में सभी वर्गों और विपक्षी दलों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय आपस में लड़ने का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए साथ खड़े होने का है। उनका दावा था कि संविधान को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं और समाजवादी पार्टी संविधान की रक्षा के लिए मजबूती से संघर्ष कर रही है।
मुस्लिम समुदाय से जुड़े सवाल पर अबू आसिम आजमी ने कहा कि देश में हाल के घटनाक्रमों से एक वर्ग विशेष खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने लोगों से नफरत छोड़कर देश और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
विपक्षी एकता के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के बीच बातचीत जारी है और कोशिश है कि विपक्षी वोटों का बिखराव न हो। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के साथ भी संवाद चल रहा है। वहीं असदुद्दीन ओवैसी के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी एक सेक्युलर पार्टी है और उसका मौजूदा गठबंधन पूरी तरह मजबूत है।
आजमी ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय समाज में ध्रुवीकरण का माहौल बनाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन अब जनता पहले की तुलना में अधिक जागरूक है और आसानी से गुमराह होने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक जमीनी नेता हैं और पार्टी को कमजोर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
'आपदा के समय सभी साथ आते हैं'
गुटबाजी और राजनीतिक मतभेदों पर उन्होंने कहा कि जब बाढ़, भूकंप या अन्य बड़ी आपदाएं आती हैं तो इंसान ही नहीं, जानवर भी एक साथ रहने लगते हैं। मौजूदा समय भी वैसी ही परिस्थितियों का है, इसलिए सभी को मतभेद भुलाकर एकजुट होकर देशहित में काम करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यह लड़ने का नहीं, बल्कि साथ खड़े होने का समय है।
