राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में वकीलों का बड़ा फैसला, नहीं करेंगे आरोपियों की पैरवी... नियम तोड़ने की दी ये सख्त चेतावनी
अयोध्या बार एसोसिएशन की सर्वसम्मति से अहम निर्णय। मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की निंदा करते हुए कहा- कोई अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा, नियम तोड़ने पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय किया है कि इस मामले में गिरफ्तार किसी भी आरोपी की पैरवी कोई अधिवक्ता नहीं करेगा। यदि कोई वकील इस निर्णय के विपरीत जाकर केस लेता है तो उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
बार एसोसिएशन की बैठक में लिया गया फैसला
सोमवार को अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि इस प्रकरण में किसी भी आरोपी का मुकदमा बार का कोई सदस्य नहीं लड़ेगा।
वरिष्ठ और जूनियर अधिवक्ताओं पर भी लागू होगा निर्णय
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय सभी अधिवक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा। वरिष्ठ वकीलों के साथ-साथ जूनियर अधिवक्ता भी आरोपियों की ओर से पैरवी नहीं करेंगे। यदि कोई अधिवक्ता इस फैसले का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
चंपतराय को छोड़ना होगा अयोध्या
बार एसोसिएशन की बैठक में आक्रोशित वकीलों ने ऐलान किया कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को अयोध्या छोड़ना होगा। अगर 3 तीन दिन के वह नहीं छोड़ते हैं तो पूरा अयोध्या जाम कर दिया जाएगा और किसी को भी अयोध्या नहीं आने दिया जाएगा। वकीलों के इस ऐलान से यह मामला और भी पेचीदा हो गया है। सनद रहे कि चंदा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा ट्रस्ट से इस्तीफा दे चुके हैं। और एसआइटी की जांच का सामना कर रहे हैं। चंपत राय से इस मामले में पूछताछ भी हो चुकी है।
