राष्ट्रपति भवन जैसी हो राम मंदिर की सुरक्षा... बृजभूषण शरण सिंह बोले- चंदा मामले में पहले ही जताई थी आशंका

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Published By Deepak Mishra
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आरोप सही हुए तो फांसी लगा लूंगा- यौन शोषण मामले पर बोले पूर्व सांसद

गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर चंदा प्रकरण, अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था और अपने खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद राम मंदिर प्रकरण पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।

गोंडा अमृत विचार: नवाबगंज क्षेत्र स्थित अपने पैतृक गांव विश्नोहरपुर में रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर से जुड़े चंदा प्रकरण, अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था और अपने खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा प्रकरण पर उन्होंने कहा कि वह पिछले पांच वर्षों से इस विषय पर सवाल उठाते रहे हैं।

'पांच साल से उठा रहा हूं सवाल'

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले ही इस मामले में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा, "मुझे सब मालूम है। मैं शुरू से कह रहा हूं कि सब ठीक नहीं हो रहा है।" हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में मामले की जांच चल रही है, इसलिए इस समय टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद वह इस पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे और बताएंगे कि जांच निष्पक्ष हुई या नहीं।

'राम मंदिर की सुरक्षा राष्ट्रपति भवन जैसी हो'

अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा राष्ट्रपति भवन, संसद और प्रधानमंत्री आवास की तर्ज पर होनी चाहिए। उनका कहना था कि इन स्थानों पर सुरक्षा के बावजूद आम आवागमन पूरी तरह बंद नहीं रहता। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों में रूट डायवर्ट किया जा सकता है, लेकिन अयोध्या को पूरी तरह बंद करना और अनावश्यक बैरियर लगाना उचित नहीं है।

यौन उत्पीड़न मामले पर बोले- 'सच्चाई सामने आ जाएगी'

अपने खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अदालत ने 3 अगस्त के लिए फैसला सुरक्षित रखा है। उन्होंने कहा, यदि आरोप सत्य साबित हुए तो मैं फांसी लगा लूंगा। उन्होंने दावा किया कि बचाव पक्ष ने अदालत में सभी दलीलें रखी हैं और आरोप लगाने वाले अपने आरोपों के समय, स्थान और परिस्थितियों को स्पष्ट रूप से बताने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अब मामला अदालत के विचाराधीन है, इसलिए इस पर इससे अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

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