राम मंदिर चढ़ावा चोरी : सोने की रामचरितमानस गायब, पूर्व गृह सचिव का सीधा आरोप
लखनऊ, अमृत विचार : रामलला को दिए गए दान के गायब हो जाने का एक नया मामला सामने आया है। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एस. लक्ष्मी नारायण ने सीधे चंपत राय पर आरोप लगाया है, उन्होंने अपने आरोप में कहा है कि सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस को गायब कर दिया गया है। यह रामायण राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी गई थी। इतना ही नहीं एस लक्ष्मी नारायण ने अपने आरोप में यहां तक कहा है कि उन्हें रामायण सौंपने की रसीद तक नहीं दी गई। हालांकि एस लक्ष्मी नारायण ने रसीद की मांग कभी कि नहीं थी।
एस. लक्ष्मी नारायण ने यह सभी आरोप एक निजी न्यूज चैनल पर बातचीत के दौरान लगाए हैं।
उन्होंने न्यूज चैनल पर कहा कि साल 2024 में वह अपनी पत्नी के साथ अयोध्या पहुंचे थे और इसी दौरान उन्होंने चंपत राय को रामचरितमानस सौंपी थी। लेकिन इस दौरान उन्हें कोई रसीद नहीं दी गई थी।
रामचरितमानस को लेकर कहा गया था कि इसे मंदिर के गर्भ गृह में रखा जाएगा।
चंपतराय ने मुलाकात के लिए कराया लंबा इंतजार
एस लक्ष्मी नारायण ने बताया है कि वह दो बार चंपत राय के पास गए, लेकिन उन्हें कई घंटे तक इंतजार कराया, एक बार तो उनसे मिलने के लिए 9 घंटे इंतजार करना पड़ा। उसके बाद मुलाकात हुई, लेकिन रामचरितमानस कहां रखी गई है इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने बताया कि जो रामचरितमानस चंपत राय को सौंप गई थी, उसके 522 पन्नों पर सोने की परत चढ़ी थी। इसी बात से इसकी कीमत का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह उनके पूरे जीवन की कमाई थी। उन्होंने कहा कि उनका परिवार कई दशकों से राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ा हुआ रहा है। उन्होंने बताया कि जो रामचरितमानस दान की गई थी वह उनकी दिवंगत मां की भक्ति का खजाना रहा है।
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