Operation Trishul : अयोध्या-देवीपाटन में 2 जुलाई से ‘ऑपरेशन त्रिशूल’, फर्जी डिग्री कॉलेजों की होगी जांच
आठ संयुक्त टीमें करेंगी निरीक्षण, मानक पूरे न मिलने पर संबद्धता रद्द और एफआईआर तक की कार्रवाई
अयोध्या-देवीपाटन मंडल में 2 जुलाई से उच्च शिक्षा विभाग का ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ शुरू होगा। डिग्री कॉलेजों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। मानक पूरे न मिलने पर संबद्धता रद्द, एफआईआर और कानूनी कार्रवाई होगी।
अयोध्या कार्यालय, अमृत विचार। उच्च शिक्षा विभाग ने अयोध्या-देवीपाटन मंडल में डिग्री कॉलेजों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर लगाम कसने के लिए दो जुलाई से ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ शुरू करने का फैसला किया है। यह अभियान संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा विभाग की आठ टीमों द्वारा संचालित किया जाएगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार तीन वर्षों में अयोध्या देवीपाटन मंडल में सैकड़ों नए डिग्री कॉलेज स्थापित हुए हैं। कई संस्थाएं मात्र दो-तीन कमरों में कक्षाएं चलाकर विश्वविद्यालयों से संबद्धता प्राप्त कर रही हैं। ऐसे कॉलेजों में बुनियादी सुविधाएं जैसे पर्याप्त क्लासरूम, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, योग्य शिक्षक एवं खेल मैदान तक नहीं हैं। ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत इन कॉलेजों की पूरी कुंडली खंगाली जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया जिन संस्थानों ने संबद्धता लेकर न्यूनतम मानकों का उल्लंघन किया है, उनकी संबद्धता तुरंत रद्द की जाएगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्रों का भविष्य खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सभी कॉलेजों का होगा भौतिक सत्यापन
अभियान के दौरान सभी डिग्री कॉलेजों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। टीमें कॉलेज भवनों, शिक्षकों की संख्या, छात्रों की उपस्थिति, लाइब्रेरी और लैब की स्थिति की जांच करेंगी। जिन कॉलेजों में मात्र नाम मात्र की संबद्धता लेकर धंधा चलाया जा रहा है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
स्थानीय शिक्षाविदों ने इस कदम का स्वागत किया है। प्रो. राकेश कुमार ने कहा, क्वालिटी के बिना क्वांटिटी का कोई फायदा नहीं। ऐसे अभियान से असली शिक्षा संस्थान मजबूत होंगे और फर्जीवाड़ा रुकेगा। अयोध्या देवीपाटन मंडल को पायलट प्रोजेक्ट बनाया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और छात्रों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। विभाग ने सभी संबंधित विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि नए संबद्धता आवेदनों पर सख्ती से जांच की जाए। साथ ही पुराने कॉलेजों की भी समीक्षा की जा रही है...आलोक सिंह. निदेशक,क्षेत्रीय उच्च शिक्षा।
