बाराबंकी में पॉलिटेक्निक छात्र की मौत पर बवाल: हाईवे जाम कर ग्रामीणों का पुलिस पर पथराव, SHO बेहोश होकर गिरे
बाराबंकी, अमृत विचार। मंगलवार को लखनऊ बहराइच हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन कर रही भीड़ अचानक उग्र हो गई और मौजूद दो थानों की पुलिस पर पथराव कर दिया। इस हमले में रामनगर इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। बवाल बढ़ता देख जिले भर की फोर्स व पीएसी मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर बितर किया। देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, वहीं गांव को छावनी में बदल दिया गया है।
बताते चलें कि क्षेत्र के कटियारा गांव निवासी जितेंद्र 21 का शव सोमवार को उसके घर में फांसी के फंदे से लटका मिला। परिजनों का आरोप था कि युवक की प्रेमिका के परिजनों ने उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण शव लेकर हाईवे पर गए और जाम लगा दिया।
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सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे वहीं मसौली एसओ एके त्रिपाठी भी आ गए। इस बीच मौके से शव उठाने व जाम हटाने का जोर डालते ही भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर ईंट-पत्थर चलाना शुरु कर दिया। अचानक हुए हमले में इंस्पेक्टर अरुण प्रताप सिंह, एसएसआई प्रमोद कुमार यादव, कांस्टेबल शिवमोहन, मानवेंद्र सिंह, महिला हेड कांस्टेबल संगीता और फायरकर्मी नीरज कुमार घायल हो गए।

पथराव के बीच किसी तरह घायलों को सीएचसी ले जाया गया। उग्र भीड़ ने सरकारी वाहनों को भी निशाना बनाया, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। हाईवे पर अफरातफरी के बीच जाम में फंसी कार, बसों व अन्य वाहनों से उतरकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कुछ निजी वाहन भी पथराव की चपेट में आए।
पथराव की खबर फैलते ही एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम आनंद कुमार तिवारी, सीओ गरिमा पंत जिले के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को किनारे किया। प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराने के बाद शव पुलिस के पहरे में दफना दिया गया। पुलिस ने गांव के करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया। उधर घटनास्थल पहुंचे एसपी अर्पित विजयवर्गीय घायलों का हाल जाना व मातहतों को दिशा निर्देश दिए। देर शाम बड़ी संख्या में पुलिस बल ने मृतक के गांव पहुंचकर गश्त की। गांव से हाईवे पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
हाइवे पर अराजकता, गायब रहे आला अफसर
रामनगर, बाराबंकी: अमृत विचार। हाइवे पर प्रदर्शन, पथराव और अराजकता जैसी दशा के बावजूद पुलिस विभाग के आला अफसर काफी देर से मौके पर पहुंचे। बता दें कि लंबा जाम लगने से दोनो ओर सरकारी बसें, निजी व व्यवसायिक वाहन के अलावा बाइक सवार बुरी तरह फंस गए थे। गनीमत यह रही कि पथराव का रुख राहगीरों व यात्रियों की ओर नहीं हुआ वरना स्थिति भयावह होती। पथराव का सामना करने से हिचके पुलिसकर्मियों को घायलों को साथ ले जाने में नाकों चने चबाने पड़ गए। अचानक इस हमले का किसी को अंदाजा नही था। घंटों हाइवे दहशत के साए में रहा, पुलिस असहज दिखी। इसके बावजूद विभाग के आला अफसर तब पहुंचे जब माहौल कुछ शांत हो गया था। इसको लेकर लोग चर्चा करते नजर आए।
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माहौल भांप नही पाई पुलिस, हो गई चूक
रामनगर, बाराबंकी: अमृत विचार। हाइवे पर शव रखकर प्रदर्शन के पीछे उपजा आक्रोश पुलिस कर्मी भांप नही पाए। जरा सी चूक उनके लिए बहुत भारी पड़ गई। प्रदर्शनकारियों की सैकड़ोें की भीड़ को संभालने बिना हेल्मेट, डंडे के पहुंचे दो थानाध्यक्षों और चंद सिपाहियों की फोर्स भीड़ के बीच खड़ी उन्हे समझा रही थी, माहौल तब तक शांत ही था लेकिन बिगड़ा तब जब सड़क पर रखा शव व भीड़ सड़क किनारे करने का दबाव डाला गया। बस भीड़ उग्र हो गई और सड़क किनारे पड़े ईंटे गुम्मे उठाकर पुलिस बल को निशाना बना दिया। यही काम सुरक्षा का ध्यान रखकर, वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी में व पर्याप्त पुलिस बल के साथ किया जाता। तो भीड़ के हमलावर होने की संभावना न के बराबर होती। सारी कवायद तब हुई जब माहौल शांत हो गया था।

पथराव के लिए आगे आईं महिलाएं- एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताय कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात है। पूरे मामले की जांच व वीडियो साक्ष्य की पड़ता जारी है। उग्रता दिखाने में महिलाओं की भूमिका बताई जा रही। आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
