रायबरेली में युवक की मौत के बाद भड़की हिंसा,पथराव में कोतवाली प्रभारी समेत कई घायल
- चार घंटे तक ठप रहा राष्ट्रीय राजमार्ग, उपद्रवियों के पथराव से रणक्षेत्र बना सलोन
रायबरेली, अमृत विचार। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत के बाद मंगलवार को सलोन क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मृतक का शव रायबरेली-जौनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर शुरू हुआ प्रदर्शन कुछ ही देर में खूनी टकराव में बदल गया। भीड़ में शामिल अराजक तत्वों ने पुलिस और राहगीरों पर चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। यहां तक कि उपद्रवियों ने पुलिस बल को फायर स्टेशन तक दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
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इस हिंसक झड़प में सलोन कोतवाल (प्रभारी निरीक्षक) समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पुलिस की सरकारी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। करीब चार घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह ठप रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।कोतवाली क्षेत्र के खम्हरिया पूरे कुशल गांव निवासी मेवालाल सरोज (35) की पत्नी राजरानी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 28 जून की सुबह मेवालाल साइकिल से घर लौट रहे थे।
आरोप है कि गांव के ही शुभम सिंह उर्फ रघुराज प्रताप सिंह, लव सिंह और गुड्डू सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते राजापुर वन विभाग कार्यालय के सामने जानबूझकर अपनी मोटरसाइकिल से मेवालाल की साइकिल में टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल मेवालाल को पहले सीएचसी सलोन, फिर जिला अस्पताल और एम्स रायबरेली ले जाया गया।
हालत नाजुक होने पर उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सोमवार रात जैसे ही मेवालाल की मौत की खबर गांव पहुंची, भारी संख्या में ग्रामीण सलोन कोतवाली पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर रात तक हंगामा किया।
पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण मंगलवार सुबह शव को राजापुर स्थित वन विभाग कार्यालय के सामने हाईवे पर ले आए और चक्का जाम कर दिया। इसके बाद पथराव करते हुए उपद्रवियों ने पुलिस को दौड़ा लिया। पुलिस के कई वाहनों को तोड़ दिया। इस दौरान सलोन कोतवाल समेत कई लोग घायल हो गए। बाद में जिले के कई थानों की फोर्स पहुंची तो हालात को काबू में किया जा सका।
