बाराबंकी में बवाल, युवक की संदिग्ध मौत पर गुस्साएं लोगों ने किया सड़क जाम; पथराव में थाना प्रभारी घायल
बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी में रामनगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कटियारा में युवक जितेन्द्र चौहान की संदिग्ध मौत के मामले में आज उस समय नया मोड़ आ गया, जब पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजन और सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीच रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मार्ग पर लंबा जाम लग गया। इस दौरान परिजनों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।
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प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ लोगों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पथराव में रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के सिर में पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें किसी तरह सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा।
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इस दौरान आधा दर्जन अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चन्द्र त्रिपाठी कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया तथा स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे। एहतियात के तौर पर गांव और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
दरअसल युवक जितेन्द्र चौहान की संदिग्ध मौत का विवाद एक लड़की से बातचीत को लेकर शुरू हुआ था। परिजनों का आरोप है कि लड़की के परिजनों ने जितेन्द्र की बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और मामले की जांच शुरू कर दी थी।
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वहीं, घटना के बाद से आरोपित लड़की के परिजन घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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