Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा मार्गों के संवेदनशील क्षेत्रों में होंगे स्थायी सुरक्षा कार्य, विकास परियोजनाओं में तेजी के निर्देश
गढ़वाल मंडल प्रशासन ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध बनाने के लिए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा कार्य कराने का फैसला लिया है। मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने सभी विभागों को यात्रियों की सुरक्षा और लंबित विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
Char Dham Yatra 2026: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और निर्बाध बनाने की दिशा में गढ़वाल मंडल प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थित संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने मंगलवार को निर्माण एवं अवसंरचना से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी समाधान पर जोर
आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग (PWD), एनएचएआई सहित 14 विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्ग पर चिन्हित गंभीर और अत्यधिक जोखिम वाले स्थानों का स्थायी उपचार किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हर वर्ष भूस्खलन की घटनाएं होती हैं, वहां दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
अंतिम चरण की परियोजनाएं इसी वर्ष पूरी करने के निर्देश
बैठक में बाईपास, सुरंग और अन्य प्रमुख सड़क परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि अंतिम चरण में पहुंच चुकी परियोजनाओं को इसी वर्ष पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए।
इसके अलावा गढ़वाल मंडल की सभी 41 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों का विधानसभावार विवरण, स्वीकृत बजट, कार्य प्रारंभ होने की तिथि और वर्तमान प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी
मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने को भी कहा। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वर्षाकाल को देखते हुए विशेष सतर्कता
मानसून के मद्देनजर सभी अधिकारियों को प्रतिदिन बंद और चालू सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों से नियमित स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
विभिन्न विभागों को मिले अलग-अलग निर्देश
बैठक के दौरान विभागवार समीक्षा में सिंचाई विभाग को हर्षिल क्षेत्र में नदी कटाव रोकने के उपायों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया। लघु सिंचाई विभाग को बंद नहरों के पुनर्जीवन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
पेयजल निगम को वन स्वीकृति और अन्य औपचारिकताओं के कारण लंबित योजनाओं को शीघ्र शुरू कराने, जबकि जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा ब्रिडकुल को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने तथा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, ऋषिकेश के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवन का निर्माण 15 जुलाई तक पूरा करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में भी तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
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