गोंडा : फर्जी ई-टिकट रैकेट का भंडाफोड़, आधार कार्ड बदलकर यात्रा कर रहे 6 यात्री गिरफ्तार
- आधार और टिकट में फेरबदल कर बेच रहे थे सीटें, आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई
गोंडा, अमृत विचार: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे व्यक्तियों के नाम पर बुक किए गए ई-टिकटों पर यात्रा कर रहे 6 यात्रियों को पकड़ा है। जांच में सामने आया कि टिकट दलालों का एक संगठित गिरोह टिकटों और आधार कार्डों में फेरबदल कर यात्रियों को वास्तविक किराए से कहीं अधिक कीमत पर टिकट बेच रहा था।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त लखनऊ के निर्देश पर आरपीएफ बस्ती, गोंडा, मंडल रिजर्व और सीआईबी की संयुक्त टीम ने 23-24 जून की रात ट्रेन संख्या 20104 एलटीटी एक्सप्रेस के एस-1 और एस-3 कोच में अभियान चलाया। जांच के दौरान 6 यात्री दूसरे नाम से बुक टिकटों पर यात्रा करते पाए गए।
आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक अनिरुद्ध राय ने बताया कि यात्रियों द्वारा प्रस्तुत आधार कार्डों का एम-आधार एप पर सत्यापन करने पर नाम और क्यूआर कोड में बदलाव पाया गया। जांच में पता चला कि टिकट मूल रूप से अन्य व्यक्तियों के नाम पर बुक किए गए थे, जिन्हें बाद में एडिट कर यात्रियों को उपलब्ध कराया गया।
पकड़े गए यात्रियों में सुनील गुप्ता, रीना, सतेंद्र सिंह, हरिकेश यादव, फैजान अहमद और ईश्वर चंद शामिल हैं। सभी यात्री बस्ती से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई) तक यात्रा कर रहे थे। पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि उन्होंने विभिन्न माध्यमों से टिकट दलालों को कुल 23,900 रुपये का भुगतान किया था, जबकि संबंधित टिकटों का वास्तविक किराया 11,866 रुपये था। इस प्रकार दलालों ने टिकटों में हेराफेरी कर यात्रियों से करीब 18 हजार रुपये अधिक वसूल लिए। इस मामले में छह यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं फर्जी टिकट उपलब्ध कराने वाले अज्ञात दलालों के विरुद्ध भी अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, संशोधित टिकट, चैट रिकॉर्ड और भुगतान संबंधी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं और किसी भी दलाल के झांसे में न आएं।
