गोंडा : बेंगलुरु से घर लौट रहे मजदूर का झाड़ियों में लटका मिला शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
- लखनऊ-बाराबंकी के बीच टूटा था संपर्क, तीन दिन बाद गांव के पास मिला शव -फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, पीएम रिपोर्ट पर टिकीं पुलिस की निगाहें
गोंडा, अमृत विचार: दो साल बाद बेंगलुरु से घर लौट रहे एक युवक का शव बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे बांस की झाड़ियों में लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी जांच-पड़ताल कर साक्ष्य संकलित किए। वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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धानेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पूरे तेंदुआ के मजरा गड़रही निवासी 45 वर्षीय राजदीप सिंह पिछले दो वर्षों से बेंगलुरु में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी पत्नी पार्वती सिंह ने बताया कि 21 जून को राजदीप अपने एक साथी के साथ ट्रेन से घर के लिए रवाना हुए थे। अगले दिन उनके साथी ने फोन कर सूचना दी कि बाराबंकी और लखनऊ के बीच कहीं राजदीप उससे बिछड़ गए हैं। उनका मोबाइल फोन और सामान साथी के पास ही रह गया था। इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने बाराबंकी से लेकर लखनऊ तक उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
बुधवार सुबह सूचना मिली कि शुक्लागंज-रेहरा मार्ग पर त्रिभुवन नगर ग्रांट के आधारडीह के निकट गड़रही गांव से करीब दो किलोमीटर पहले सड़क किनारे स्थित बांस की कोठी की झाड़ियों में एक शव लटका हुआ है। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान राजदीप सिंह के रूप में की। शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। वहीं मृतक के भाई कमल सिंह ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव ने बताया कि युवक का शव फांसी के फंदे के सहारे लटका मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
