Rampur News : पटवाई पुलिस ने किया अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, थार गाड़ी और 7.5 लाख कैश समेत 3 गिरफ्तार

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Published By Pradeep Kumar
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जन सेवा केंद्र की आड़ में चलाते थे संगठित नेटवर्क

फर्जी कंपनियां खोलकर बैंकों में खुलवाए बिजनेस अकाउंट,भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद

पटवाई, अमृत विचार। थाना पटवाई पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संगठित गिरोह बनाकर भोली-भाली जनता को अपना शिकार बनाने वाले तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹7.5 लाख नकद, एक महिंद्रा थार गाड़ी, लैपटॉप, स्वाइप मशीन और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज व एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग में मुस्तैद थी। इसी दौरान पटवाई चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि जौलपुर रोड की तरफ एक काले रंग की थार गाड़ी में कुछ शातिर साइबर ठग जा रहे हैं, जिनके पास ठगी के उपकरण भी मौजूद हैं।

सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जौलपुर रोड पर सोहना पुल के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और गाड़ी को एक खंडहर की तरफ मोड़ दिया। हालांकि, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर तीनों अभियुक्तों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रहलाद पुत्र राजेंद्र सिंह सैनी निवासी: काशीराम नगर, द्वारकाधीश मंदिर के सामने मुरादाबाद,विवेक कुमार पुत्र महीलाल निवासी: ग्राम अलीगंज बेनाजीर, थाना कोतवाली, रामपुर तथा हरविन्दर सिंह पुत्र महेंद्र सिंह निवासी: ग्राम अलीगंज बेनाजीर, थाना कोतवाली, रामपुर के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुख्य आरोपी विवेक कुमार एक जन सेवा केंद्र चलाता है। इसकी आड़ में वह सीधे-साधे लोगों को व्यापार और पैसा दोगुना करने की स्कीम का लालच देकर उनके पहचान पत्र, पैन कार्ड और बैंकिंग विवरण हासिल कर लेता था।

इन दस्तावेजों और फर्जी मोहरों का इस्तेमाल कर आरोपी फर्जी कंपनियां और दस्तावेज तैयार करते थे, जिसके जरिए बैंकों में करंट बिजनेस अकाउंट खुलवाए जाते थे। इसी कड़ी में आरोपियों ने एक व्यक्ति अर्जुन सिंह पाल के नाम पर फर्जी तरीके से खाता खुलवाकर करीब 21 लाख रुपये की ठगी का ट्रांजैक्शन किया, जिसमें से 10 लाख रुपये ट्रांसफर भी कर दिए गए थे।

साइबर ठगी से कमाया गया पैसा इन्हीं फर्जी खातों में मंगाया जाता था। इसके बाद आरोपी पेटीएम स्वाइप मशीन, इंटरनेट बैंकिंग और अपने पास रखे सिम कार्डों पर आए ओटीपी के माध्यम से पैसे निकाल या ट्रांसफर कर लेते थे। पकड़े गए अभियुक्तों ने यह भी स्वीकार किया कि बरामद की गई थार गाड़ी उन्होंने साइबर ठगी से कमाए गए 11 लाख रुपये से खरीदी थी। प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह की तहरीर पर थाना पटवाई में तीनों अभियुक्तों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट  की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

खुलासा करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह, उपनिरीक्षक अजीत सिंह, अनुज कुमार, दिनेश कुमार, राम सिंह, हेड कांस्टेबल शहादत अली, अनिल कुमार, कांस्टेब नीरज और चालक राज कुमार शामिल रहे।

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