Varanasi Coaching Sealed: वाराणसी में एलेन, आकाश समेत 8 कोचिंग संस्थान सील, सुरक्षा मानकों में मिलीं खामियां

Amrit Vichar Network
Published By Ankit Yadav
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वाराणसी, अमृत विचार। राजधानी लखनऊ लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद वाराणसी में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है। मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाया। जांच के दौरान भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर आठ कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। इनमें एलेन, आकाश, महिंद्रा जैसे बड़ी कोचिंग के नाम भी शामिल हैं।

बिना मानकों के चल रहा था एलेन

वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने शिवपुर और सिकरौल क्षेत्र में निरीक्षण किया। जांच में एलेन कोचिंग सेंटर बिना स्वीकृत नक्शे और निर्धारित भवन मानकों के विपरीत संचालित होता मिला। इसके बाद संस्थान को सील कर दिया गया। कोचिंग संचालकों को सभी दस्तावेज लेकर प्राधिकरण में उपस्थित होने और जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सिर्फ 14 संस्थानों के पास NOC

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के अनुसार, शहर में केवल 14 कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी है, जबकि सैकड़ों संस्थान बिना अग्निशमन विभाग की मंजूरी के संचालित हो रहे हैं। दुर्गाकुंड, सुंदरपुर, सामने घाट, सिगरा, पांडेयपुर, सारनाथ, भोजूबीर, शिवपुर, कैंट और अर्दलीबाजार जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इनमें से कई जगहों पर अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं पाए गए हैं। अन्य संस्थानों की भी जांच जारी है।

बार एसोसिएशन ने सौंपी मांग

सेंट्रल बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने लखनऊ की घटना का हवाला देते हुए हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शहर के सभी कोचिंग सेंटर, निजी हॉस्टल और होटलों की दस दिनों के भीतर जांच कराने की मांग की। साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों को तत्काल सील करने की भी मांग उठाई।

फायर नियम हुए और सख्त

हाल के वर्षों में कोचिंग संस्थानों में आग की घटनाओं के बाद फायर सेफ्टी नियमों को और कड़ा किया गया है। नौ मीटर से अधिक ऊंची इमारतों, ग्राउंड प्लस दो या उससे अधिक मंजिल वाली बिल्डिंगों और एक समय में 20 से ज्यादा छात्रों की क्षमता वाले कोचिंग संस्थानों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान दो आपातकालीन निकास, अग्निशामक यंत्र, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, वेंटिलेशन और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जाती है।

ऐसे मिलती है फायर NOC

फायर एनओसी के लिए भवन का स्वीकृत नक्शा, फायर सेफ्टी लेआउट, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी प्रमाणपत्र और स्वामित्व या किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं। आवेदन के बाद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर निरीक्षण करती है। सभी मानक पूरे मिलने पर 15 से 30 दिनों के भीतर एनओसी जारी की जाती है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा नियमों में लापरवाही करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

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