अलीगंज अग्निकांड: वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाने वाले निलंबित दमकल अधिकारी ने मांगी माफी, बोले- गुमराह किया गया
लखनऊ, अमृत विचार। अलीगंज अग्निकांड को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाने वाले निलंबित अग्निशमन अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए माफी मांग ली है। बुधवार को सामने आए एक नए वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें पहले वाला वीडियो बनाने के लिए गुमराह किया गया था। उन्होंने कहा कि हादसे में 15 लोगों की मौत से वह बेहद दुखी हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाया था आरोप
मंगलवार को दमकल केंद्र (द्वितीय) के अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक वीडियो और पत्र जारी किया था। उसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी भूमिका केवल निरीक्षण और रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित थी तथा उनके पास मंजूरी देने या अग्नि सुरक्षा नियम लागू कराने का अधिकार नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) इस मामले की खामियों के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
अब जताया जांच पर भरोसा
बुधवार को जारी नए वीडियो में कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि वह पहले के बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और जांच एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच से हादसे से जुड़े सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। उनका कहना है कि उन्हें पहले वाला वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए भटकाया गया था।
अलीगंज अग्निकांड में गई थीं 15 जानें
सोमवार को अलीगंज के उषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। यह भवन आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, लेकिन यहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। ऊपरी मंजिल पर एनीमेशन सेंटर, जबकि निचली मंजिल पर पालतू पशुओं की दुकान और क्लिनिक चल रहा था। हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
चार अधिकारी निलंबित, चार गिरफ्तार
घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कमलेश कुमार सिंह समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। छह नामजद आरोपियों और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां आग लगने के कारणों और भवन व अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही हैं।
