लखनऊ अग्निकांड के बाद हरदोई में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी सील
सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही उजागर, कई संस्थानों के बिजली कनेक्शन कटे; बिना फायर एनओसी संचालित मिले प्रतिष्ठान
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हरदोई जिला प्रशासन ने बुधवार को व्यापक अभियान चलाकर शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की।
हरदोई। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हरदोई जिला प्रशासन ने बुधवार को व्यापक अभियान चलाकर शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की।
अभियान के दौरान बेसमेंट में संचालित कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी सील कर दी गईं, जबकि एक होटल का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के नेतृत्व में एसडीएम सदर संजय अग्रहरी, क्षेत्राधिकारी नगर अजीत चौहान, अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह, शिवराम यादव, विद्युत विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई प्रतिष्ठानों के संचालक ताला लगाकर मौके से चले गए, लेकिन प्रशासन ने चिन्हित संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखी। निरीक्षण के दौरान जिंद पीर चौराहा स्थित विशाल कंप्यूटर एंड इंस्टीट्यूट में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं। यहां भवन में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा मार्ग था, जिससे किसी आपात स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इसी प्रकार डीएम चौराहा क्षेत्र में संचालित एसएस लाइब्रेरी, फॉरएवर लाइब्रेरी और महादेव लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित पाई गईं। जांच में सामने आया कि इन संस्थानों में आपातकालीन निकास मार्ग की व्यवस्था नहीं थी और अग्नि सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन प्रतिष्ठानों को सील कर उनके बिजली कनेक्शन भी कटवा दिए। अभियान के दौरान होटल दीप में भी कई अनियमितताएं मिलीं। जांच में पता चला कि होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा रास्ता था। इसके अलावा भवन का नक्शा संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं था तथा परिसर में लगा विद्युत मीटर भी खराब पाया गया।
इसके बाद विद्युत विभाग ने मौके पर ही होटल का बिजली कनेक्शन काट दिया। प्रशासन ने सभी आवश्यक मानकों और अनापत्ति प्रमाण पत्रों की पूर्ति तक होटल संचालन पर रोक लगा दी है। जांच के दौरान सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि निरीक्षण किए गए किसी भी संस्थान के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं था।
सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह ने कहा कि लखनऊ की दुखद घटना के बाद प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेसमेंट में संचालित गतिविधियां भवन उपविधियों के विपरीत हैं और ऐसे मामलों में तत्काल सीलिंग तथा विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शहर के कई अस्पतालों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी चिन्हित किया गया है, जहां आगामी दिनों में निरीक्षण और कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य जनसुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है।
