यूपी के गोंडा में भीषण सड़क हादसा: केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर FIR कराने वाले स्वर्ण पाल सिंह की मौत

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Published By Anjali Singh
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-ट्रक को ओवरटेक करते समय पेड़ से टकराई कार, सहयात्री को नहीं आई खरोंच

गोंडा, अमृत विचार: केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री व सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाले  मनकापुर कस्बे के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं महिला महाविद्यालय के प्रबंधक स्वर्ण पाल सिंह उर्फ कोके सरदार (63) की मंगलवार की रात मनकापुर मोतीगंज मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गयी। हादसा इतना जबरदस्त था कि उनकी कार सड़क किनारे पेड़ से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और वह वाहन में ही फंस गए। उन्हें गंभीर अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

मनकापुर कस्बे के रहने वाले स्वर्ण पाल सिंह प्रतिष्ठित व्यवसायी होने के साथ ही महिला महाविद्यालय के प्रबंधक थे। जमीन विवाद को लेकर मनकापुर राजघराने से उनकी अदावत चल रही थी। दो साल पहले उन्होंने जमीन विवाद के मामले में कोर्ट के आदेश पर जिले के सांसद व केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ मनकापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि पुलिस ने जांच के दौरान मुकदमें से राजा भैया का नाम निकाल दिया था। 

स्वर्णपाल सिंह मंगलवार शाम को घुनाही निवासी विनोद कुमार तिवारी के साथ स्वयं कार चलाकर गोंडा गए थे। रात करीब दस बजे वापस लौटते समय जोगापुर गांव के पास एक ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायल स्वर्ण पाल सिंह को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से सीएचसी मनकापुर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार में उनके साथ बैठे विनोद कुमार तिवारी को खरोंच तक नहीं आई। 

हालांकि हादसे के बाद वह गहरे सदमे में हैं। उनके भाई प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि विनोद को घर लाया गया है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्वर्ण पाल सिंह सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते थे। थानाध्यक्ष गौरव सिंह तोमर ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर कोतवाली लाया गया है।

परिवार में मचा कोहराम

स्वर्ण पाल सिंह अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई अजीत सिंह और अमरजीत सिंह हैं। परिवार में पत्नी, दो बेटियां और वृद्ध माता हैं। बड़ी बेटी शिल्की विवाहित हैं, जबकि छोटी बेटी रिम्पी लुधियाना में एक निजी संस्था में कार्यरत हैं। उनके पिता गुरुवचन सिंह का निधन लगभग दो दशक पूर्व हो चुका है, जबकि 92 वर्षीय माता गुरुवचन कौर जीवित हैं। हादसे की खबर मिलते ही पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।


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