सीएम योगी की जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी बैठक, लखनऊ समेत 6 जिलों को मिलेंगे 41 हजार करोड़
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात अपने सरकारी आवास पर लखनऊ मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को लेकर बैठक की। बैठक में लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की प्रमुख नव प्रस्तावित परियोजनाओं, बुनियादी जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
लखनऊ मंडल के लिए 41,000 करोड़ की महायोजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जरूरतों की गहरी समझ होती है। शासन की योजनाओं के निर्धारण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में उनके अनुभव बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राप्त प्रस्तावों की प्राथमिकता तय कर कार्ययोजना जल्द शासन को भेजी जाए, जिससे इस माह के अंत तक उन्हें स्वीकृत कर काम शुरू कराया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि लखनऊ मंडल के सभी जनपदों के विभिन्न विकास खंडों से लगभग 41,229 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के 4,204 विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
PWD की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर मंथन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाए और उनके बताए वरीयताक्रम के आधार पर इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडल के सभी जनपदों और विधानसभा क्षेत्रों की अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषताएं हैं। इन्हें मजबूत करने के लिए पिछले वर्षों में कई काम हुए हैं। मंडल के हर जनपद और विधानसभा क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
योगी ने कहा कि विकास परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समयबद्धता, सतत संवाद और नियमित फीडबैक जरूरी है। राज्य सरकार जनहित से जुड़े हर विषय पर संवेदनशील है और जनप्रतिनिधियों के सुझावों और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना निर्माण के दौरान प्रभावितों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए और उचित मुआवजा भी दिया जाए।
सड़कों, फ्लाईओवर और चीनी मिल कनेक्टिविटी को प्राथमिकता
लोक निर्माण विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ी सड़कों, स्टेट हाईवे, बड़े पुल, छोटे पुल, आरओबी, आरयूबी, धर्मार्थ स्थलों की सड़कों, फ्लाईओवर निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर वरीयताक्रम के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय को 4-लेन से जोड़ने, चीनी मिल की सड़कों, सिंगल कनेक्टिविटी वाली सड़कों का निर्माण और ब्लैक स्पॉट सुधार के काम शत प्रतिशत पूरे कराएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा भी की।
उन्हें बताया गया कि 3,238 कार्य पूरे हो चुके हैं और बाकी निर्माण के अलग चरणों में हैं। मुख्यमंत्री ने बचे हुए कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। कहा कि जिन अधिकारियों के कामों में देरी है या जिन्होंने अभी तक काम शुरू नहीं किया है, ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर समयबद्ध, समन्वित और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास कराएं। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी या शिथिलता स्वीकार नहीं होगी।
