Bareilly News : मोबाइल कारोबारी के सात करोड़ के सौदों की जांच कर लौटी ईडी, खातों में नहीं मिली गड़बड़ी
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद से कारोबारी लेनदेन की पड़ताल, तीन दिन तक घर और दफ्तर में चली जांच
बरेली, अमृत विचार। जिले के मोबाइल कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के यहां तीन दिन तक चली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच गुरुवार शाम पूरी हो गई। पंजाब में सामने आए कथित 100 करोड़ रुपये के जीएसटी चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियां तलाशने पहुंची टीम को शुरुआती जांच में बैंक खातों और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों में कोई प्रत्यक्ष गड़बड़ी नहीं मिली। हालांकि ईडी ने कारोबारी को नोटिस जारी कर आठ दिन में विस्तृत जवाब मांगा है।
प्रेमनगर के मारवाड़ीगंज निवासी और आईक्रस्ट शोरूम के संचालक आशुतोष अग्रवाल के यहां मंगलवार से ईडी की कार्रवाई शुरू हुई थी। अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने उनके आवास और सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच की। जांच का केंद्र वर्ष 2023-24 में हुए उन कारोबारी सौदों को बनाया गया, जिनमें पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनी को आईपैड, लैपटॉप और मोबाइल की सप्लाई की गई थी।
कारोबारी के अनुसार करीब सात करोड़ रुपये का भुगतान बैंकिंग माध्यम से उनके खाते में प्राप्त हुआ था। ईडी ने इस रकम के स्रोत, ट्रांजैक्शन की प्रकृति और भुगतान की वैधता को परखा। जांच के दौरान खातों से बड़े पैमाने पर नकद निकासी या संदिग्ध लेनदेन सामने नहीं आने की बात बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार एजेंसी की जांच केवल सात करोड़ रुपये के भुगतान तक सीमित नहीं रही। कारोबारी के व्यापारिक नेटवर्क, विभिन्न कंपनियों से संबंध, वास्तविक कारोबार और घोषित टर्नओवर के अनुपात का भी परीक्षण किया गया। इसी आधार पर आगे दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगे गए हैं।
तीन दिन चली कार्रवाई के बाद ईडी की टीम दिल्ली लौट गई। कारोबारी परिवार ने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग देने का दावा किया और कहा कि मांगे गए सभी बिल, बैंक रिकॉर्ड और व्यापारिक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। टीम के रवाना होने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि पंजाब में कथित जीएसटी चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई थी, जिसमें बरेली की यह जांच भी शामिल मानी जा रही है।
