NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक, अभ्यर्थियों को UP रोडवेज बसों में मिलेगी 50% छूट; सुरक्षा होगी चाक-चौबंद

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Published By Anjali Singh
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20 और 21 जून को लागू रहेगी सुविधा, प्रवेश पत्र दिखाने पर मिलेगी 50 प्रतिशत छूट

लखनऊ, अमृत विचार। नीट (यूजी)-2026 परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को उप्र. राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में रियायती यात्रा सुविधा मिलेगी। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बुध्यवार को बताया कि 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के मद्देनजर अभ्यर्थियों को 20 और 21 जून को रोडवेज बसों में निर्धारित किराये पर 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन निगम को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। रियायत का लाभ लेने के लिए यात्रा के दौरान अभ्यर्थियों को अपना प्रवेश पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।

प्रवेश पत्र देखकर जारी होगा टिकट

परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन. सिंह ने सभी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि परिचालक अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र की जांच के बाद ही रियायती टिकट जारी करें। ईटीआईएम मशीन से अभ्यर्थियों को चाइल्ड टिकट श्रेणी के अनुरूप 50 प्रतिशत रियायती टिकट उपलब्ध कराया जाएगा। परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवेश पत्र पर अंकित परीक्षा तिथि और अभ्यर्थी के फोटो का मिलान अवश्य करें। साथ ही अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र की एक छायाप्रति सुरक्षित रखी जाएगी। वेबिल में अभ्यर्थी का नाम, रोल नंबर, यात्रा मार्ग और टिकट राशि का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर जारी होंगे मैनुअल टिकट

परिचालक प्रवेश पत्र और फोटो का मिलान करने के बाद ही रियायती टिकट जारी करेंगे। जरूरत पड़ने पर मैनुअल टिकट भी दिए जा सकेंगे। परीक्षा अवधि में परिवहन सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

यूजी-2026 परीक्षा पूरी सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि 21 जून को होने वाली नीट (यूजी)-2026 परीक्षा पूरी सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था के साथ संपन्न कराई जाए। इसके लिए परीक्षा केंद्रों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शत-प्रतिशत बनाने, जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा आईजीआरएस पोर्टल में एआई तकनीक जोड़कर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव, बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए। परीक्षा केंद्रों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

वय वंदना योजना पर विशेष जोर

आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र लोगों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सहायता से छूटे हुए पात्र लाभार्थियों की पहचान करने के निर्देश दिए। साथ ही ई-केवाईसी में नाम असंगति की समस्या के समाधान के लिए डेटा करेक्शन पोर्टल विकसित करने पर भी बल दिया।

नौ जोन में विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश को कौशल विकास, उद्यमिता और औद्योगिक विकास का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के उद्देश्य से “सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र” विकसित किए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश को नौ क्षेत्रीय जोन में विभाजित किया गया है। जिलाधिकारियों को 50 से 100 एकड़ तक उपयुक्त भूमि चिन्हित कर शीघ्र एमएसएमई विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर, एमएसएमई प्लॉट, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर, रोजगार भवन, जिला उद्योग केंद्र एवं स्वास्थ्य केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

निवेश मित्र पोर्टल की होगी निगरानी

बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निवेश मित्र पोर्टल पर सेवाओं की समयबद्ध और डिजिटल डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला उद्योग केंद्रों में हेल्पडेस्क स्थापित करने, निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने तथा स्टार्टअप सेल को सक्रिय करने पर जोर दिया।

जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कार्रवाई

मुख्य सचिव ने जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी प्रतिदिन कम से कम 10 शिकायतों का फीडबैक लें और असंतोषजनक मामलों की विशेष समीक्षा करें। नियमों के विपरीत शिकायतों को बंद करने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

आईजीआरएस पोर्टल से जुड़ेगी एआई तकनीक

उन्होंने बताया कि शासन और जिला स्तर पर शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली का परीक्षण किया जा रहा है, जिसे जल्द ही आईजीआरएस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। यह प्रणाली शिकायतों का सार प्रस्तुत करने और समाधान के विकल्प सुझाने में मदद करेगी।

भूमि विवाद निस्तारण अभियान में तेजी के निर्देश

बैठक में बताया गया कि 1 से 30 जून तक भूमि विवादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व भूमि से जुड़े लंबित मामलों की ग्रामवार समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए, विशेष रूप से राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया गया है।

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