अमेठी : बेटे को बचाने तालाब में कूदी मां, दोनों की डूबने से मौत
अमेठी, अमृत विचार: कोतवाली क्षेत्र के मिश्रीपुर गांव स्थित खेमा के तालाब में बुधवार शाम एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। भैंस को तालाब से निकालने के प्रयास में पहले बेटा गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए मां ने बिना अपनी जान की परवाह किए तालाब में छलांग लगा दी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दोनों की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसरा है। जानकारी के अनुसार, नुवांव गांव निवासी गीता विश्वकर्मा (40) पत्नी रमेश विश्वकर्मा का बड़ा बेटा दीपक (19) भैंस चराने गया था। इसी दौरान भैंस तालाब में चली गई। भैंस को बाहर निकालने के लिए दीपक तालाब में उतरा, लेकिन गहरे पानी में पहुंचते ही डूबने लगा। बेटे को बचाने के लिए मां गीता भी तालाब में कूद गईं, लेकिन वह भी पानी में समा गईं। इसी बीच सबसे छोटा बेटा आदर्श (14) भी दोनों को बचाने के लिए तालाब में उतर गया।
हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने गीता और दीपक को भी बाहर निकालकर निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में दीपक की मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा पंकज (19) दो महीने पहले रोजगार के लिए अहमदाबाद गया हुआ है। मृतका की एक विवाहित बेटी अंजली भी है। मां-बेटे की एक साथ मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
एक पल में उजड़ गई खुशियां
भैंस को बचाने की कोशिश में मां ने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी, लेकिन दोनों ही काल के गाल में समा गए। छोटे बेटे आदर्श को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया, वरना यह हादसा और भी भयावह हो सकता था। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है।
