अमरोहा में फुटपाथों पर अतिक्रमण से पैदल चलना मुश्किल: अवैध कब्जों का भी किराया वसूल रहे दबंग, एसडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
अमरोहा, अमृत विचार। जिले में सरकारी फुटपाथों पर अवैध कब्जों और उन्हें किराए पर देने के आरोपों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह पैदल चलना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि फुटपाथों पर अतिक्रमण होने से उन्हें छोटी दूरी तय करने के लिए भी दोपहिया वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ट्रैफिक चालान से बढ़ी नाराजगी
बढ़ती वाहन संख्या और सड़क हादसों के बीच ट्रैफिक पुलिस द्वारा दोपहिया चालकों पर लगातार जुर्माना लगाए जाने से लोगों में नाराजगी है। बाइक सवारों का कहना है कि जब सुरक्षित तरीके से पैदल चलने की व्यवस्था ही नहीं है, तो प्रशासन को पहले फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए। उनका आरोप है कि केवल चालान काटकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी शैलेश कुमार दूबे ने कहा कि गजरौला-चांदपुर स्टेट हाईवे-51, नेशनल हाईवे-09, कलाली रोड, धनौरा रोडवेज बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों या फुटपाथों को किराए पर देने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संयुक्त टीम बनाकर जल्द अभियान चलाने और फुटपाथों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं।
सड़क सुरक्षा पर चिंता बढ़ी
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले 1.75 लाख लोगों में 1.1 लाख से अधिक दोपहिया चालक और पैदल यात्री थे। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित फुटपाथों की कमी सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है और इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट दे चुका निर्देश
सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि फुटपाथों पर सुरक्षित चलना नागरिकों का अधिकार है और सड़कों पर पहला हक पैदल यात्रियों का है। अदालत ने स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों को फुटपाथों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित फुटपाथ बनने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, यातायात का दबाव घटेगा और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
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