अयोध्या इंडस्ट्रियल एरिया का बुरा हाल: 2 साल से 'उद्योग बंधु' की बैठकों में सिर्फ आश्वासन, बारिश आते ही उद्यमियों की बढ़ी धड़कनें
अयोध्या, अमृत विचार: जिले के औद्योगिक क्षेत्रों से जल निकासी की समस्या हल नहीं हो पाई। लगभग दो साल से उद्योग बंधु की सभी बैठकों में यह मुद्दा गूंजता है। समस्या केवल गद्दोपुर में ही नहीं है। गद्दोपुर के साथ मुमताजनगर और हरीपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी जल निकासी की समस्या है। एक का भी समाधान नहीं हो पाया। केवल आश्वासन के सहारे काम चलाया जा रहा है। बारिश का मौसम आने के साथ ही उद्यमियों की धड़कने फिर बढ़ने लगी है।
गद्दोपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले साल फैक्ट्रियों में पानी भर गया था। कई दिन तक फैक्ट्रियां बंद रही। करोड़ों का नुकसान हो गया। नेशनल हाइवे और रेलवे लाइन के दोहरीकरण से पहले का नाला ठप हो गया। जल निकासी बाधित हो गई। इसको लेकर प्रत्येक उद्योग बंधु की बैठक में मुद्दा उठता है। कभी रेलवे से एनओसी की बात आती है तो कभी एनएच पर बात ठहर जाती है। न तो प्रशासन और न ही नगर निगम इसकी व्यवस्था अब तक कर पाया। जेबी स्कूल के साथ औद्योगिक क्षेत्र में पानी भर जाता है। आईआईए के अध्यक्ष सुमित बताते हैं कि इसको लेकर यूपी सीडा से प्रोजेक्ट बनाने की बात कही है। अब यह बारिश बाद ही कुछ होने की उम्मीद है।
रेलवे लाइन दोहरीकरण के बाद मुमताजनगर औद्योगिक क्षेत्र में भी जल निकासी की समस्या शुरू हो गई है। पिछले साल इसकी भी समस्या उठी थी कि जिस नाले से पानी निकलता था वह बंद होने की स्थिति में हैं। ऐसे में जल निकासी नहीं हो पाती।हरीपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी जल निकासी की समस्या बरकार है। यहां उद्योग का कचरा एक तालाब में जाता है। बताया गया है कि ए बार ग्राम पंचायत ने इस कचरे के कारण तालाब में पानी जाने से रोक दिया था। प्रशासन के हस्तक्षेप पर पानी तो निकल गया लेकिन औद्योगिक क्षेत्र के जल निकासी का पुख्ता इंतजाम अब तक नहीं हो पाया। आईआईए के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि जल निकासी की समस्या सभी औद्योगिक क्षेत्रों में है। बारिश होगी तो समस्या हो सकती है। बैठकों में मुद्दे उठते हैं लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया।
