UP Tourism Initiative: लखनऊ के युवाओं के लिए सुनहरा मौका, पाक कला के साथ 'लाइफ-स्किल्स' और बजट मैनेजमेंट सीखेंगे युवा

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Published By Muskan Dixit
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पर्यटन विभाग की पहल, 22 जून से एमकेआईटीएम में चार दिवसीय प्रशिक्षण; 20 जून तक कर सकेंगे आवेदन

लखनऊ, अमृत विचार : यूनेस्को की ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में पहचान बना चुके लखनऊ की समृद्ध पाक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उप्र. पर्यटन विभाग विशेष पहल करने जा रहा है। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत पर्यटन विभाग द्वारा संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में 22 जून से चार दिवसीय ‘कुलिनरी एंड लाइफ-स्किल्स’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के लिए इच्छुक युवा 20 जून तक आवेदन कर सकेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को पाक कला के साथ-साथ आत्मनिर्भर जीवन के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशलों से लैस करना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘स्वावलंबी जीवन के साथ प्रगति की ओर’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करने का प्रयास है। इसके माध्यम से उन्हें दैनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

देशी-विदेशी व्यंजनों के साथ पोषण पर भी जोर

चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पौष्टिक नाश्ते से लेकर लोकप्रिय भारतीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजन तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें वेजी ऑमलेट, पीनट बटर एंड बनाना टोस्ट, फ्रूट एंड नट सलाद, अमेरिकन रैप्स और अर्राबियाटा पास्ता जैसे व्यंजन शामिल होंगे।

इसके अलावा स्प्राउट एवं पीनट सलाद, मल्टीग्रेन प्रोटीन पैनकेक और अन्य पौष्टिक खाद्य विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। बनारसी दाल फरा, बॉम्बे स्टाइल पाव भाजी और घरेलू शैली की वेजिटेबल खिचड़ी जैसे पारंपरिक भारतीय व्यंजन भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।

जीवन कौशल और आत्मनिर्भरता पर विशेष फोकस

कार्यक्रम में पाक कला के साथ दैनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल किया गया है। प्रतिभागियों को बजट प्रबंधन, कपड़ों की देखभाल, सामूहिक जीवन में संवाद और विवाद समाधान, टेबल सेटिंग, फिटनेस, स्थान प्रबंधन तथा घरेलू मरम्मत के बुनियादी कौशल सिखाए जाएंगे। साथ ही भोजन के अवशेषों के बेहतर उपयोग, समय प्रबंधन और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने का प्रयास

जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ की खाद्य संस्कृति और अवधी पाक परंपरा प्रदेश की पर्यटन पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के माध्यम से युवाओं को स्थानीय खान-पान, आतिथ्य परंपराओं और व्यावहारिक जीवन कौशल से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी में शामिल होने के बाद लखनऊ की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है। ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक साबित होंगे।

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